मुजफ्फरपुर. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एसकेएमसीएच में स्वास्थ्य सुविधाओं को उच्च स्तरीय बनाने के लिए मंगलवार को 100 बेड का मातृ शिशु अस्पताल की सौगात दी। वहीं, बच्चों की मौत को देखते हुए एईएस से लड़ने के लिए 100 बेड के पीआईसीयू अस्पताल की भी नींव रखी। 105 करोड़ की 5 योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के बाद एसकेएमसीएच कैंपस में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि 8 माह में यह पीआईसीयू अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा।
बच्चों की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए गहन अध्ययन और अनुसंधान भी शुरू हो गए हैं। लेकिन, इस तरह की बीमारियों के पीछे मुख्य कारण गरीबी और जागृति में कमी है। जून में जब प्रकोप था तब पहली बार एसकेएमसीएच आने का मौका मिला। इलाज में चिकित्सकों ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। लेकिन, यह बीमारी क्यों होती है? इस पर यहां से लेकर पटना तक बैठकें की। मगर, कोई निष्कर्ष नहीं निकला। उसी समय लगा कि पीड़ितों में ज्यादातर गरीब और बच्ची ही क्यों है?
2 से जल, जीवन और हरियाली अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जीवन और हरियाली अभियान को मिशन के रूप में चलाने का निर्णय लिया गया है। 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन से हर पंचायत में यह अभियान तेजी से चलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हो रहा : मोदी
डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि एईएस से बच्चों की मौत को लेकर कोई कुपोषण तो कोई गर्मी की बात कहते हैं। ये सब कारण सिर्फ यहीं नहीं है। इस पर रिसर्च हो रहा है। लेकिन, स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हो रहा है।
चमकी बुखार पीड़ित पांच प्रखंडों के लोगों को मिलेंगी घर सहित तमाम सुविधाएं
एईएस से प्रभावित जिले के 5 प्रखंडों में अगले दो दिनों बाद लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए अभियान चलेगा। सोशल ऑडिट की रिपोर्ट के बाद सीएम ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट में जो बात सामने आई है, उसमें चमकी बुखार (एईएस) से मरने वाले बच्चों में अधिकांश बच्चियां हैं।वहीं, वह परिवार काफी गरीब है। उनके घर में शौचालय नहीं है। रहने के लिए घर नहीं है। प्रत्येक परिवार की महिलाओं को जीविका समूह से जोड़ा जाएगा। बच्चों की पढ़ाई, हर घर में शौचालय, पीने के लिए शुद्ध पानी व प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से घर मिलेगा। जो परिवार इसमें छुट जाएंगे, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से घर देंगे।
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