पटना .बक्सर की पुलिस ने व्हाट्सएप पर शराब पीने की तस्वीर को देखकर 4 लोगों को सीधे जेल भेज दिया। सोमवार को इस अजीब मामले से वाकिफ होने पर पटना हाईकोर्ट ने पुलिस पर नाराजगी जताई। कहा-’पुलिस का यह कारनामा प्रथम दृष्टया शराबबंदी कानून का दुरुपयोग लगता है।’ कोर्ट ने पुलिस से पूछा-’क्यों नहीं आप सब पर हर्जाना लगाएं?’ याचिकाकर्ता की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि वायरल फोटो को मामला दर्ज करने का आधार बनाना गैरकानूनी है। पुलिस ने यह भी पता नहीं किया कि यह तस्वीर कहां और कब की है? आरोपियों की जांच तक नहीं कराई गई। बिना सोचे समझे मुकदमा करने से 4 लोगों को फिजूल में 7 दिन जेल में रहना पड़ा।’
पुलिस को यह भी पता नहीं कि तस्वीर कहां और कब की है :न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार सिंह की एकल पीठ, मनोज सिंह व अन्य की आपराधिक रिट याचिका की सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ निचली अदालत में चल रही कार्रवाई को फौरन रोकने का आदेश दिया। एफआईआर दर्ज करने वाले बक्सर मुफस्सिल के थानाध्यक्ष वैद्यनाथ चौधरी एवं जांचकर्ता अवलेश कुमार को व्यक्तिगत तौर पर पक्षकार बनाते हुए जवाब तलब किया। याचिकाकर्ता के वकील पारिजात सौरभ ने कोर्ट को विस्तार से पूरी बात बताई। कहा कि 30 जून एफआईआर हुई। व्हाट्सएप पर वायरल हुई फोटो को ही शराबबंदी के उल्लंघन का मामला दर्ज करने का आधार बनाया गया।
सदर डीएसपी ने ये तस्वीरें थानाध्यक्ष को मोबाइल पर भेजी थी। इसमें चार आदमी एक कार के अंदर शराब पीते दिख रहे थे। दो कार में आगे और दो पीछे बैठे थे। इसी तस्वीर को आधार बनाकर चार लोगों के खिलाफ बक्सर मुफस्सिल थाना कांड संख्या 181/19 दर्ज किया गया। सबको मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया। फिर सब न्यायिक हिरासत में जेल गए। हफ्ते भर जेल में रहने के बाद चारों को बक्सर के स्पेशल कोर्ट (शराबबंदी) से जमानत मिली। इन्हीं में से दो आरोपी मनोज कुमार सिंह एवं विनय कुमार ने कोर्ट से गुहार लगाई।
शराब की पुष्टि के लिए आरोपियों की मेडिकलजांच तक नहीं कराई गई :याचिकाकर्ताओं के वकील के अनुसार अगर पुलिस को संदेह था कि वायरल फोटो कुछ ही समय पहले का है तो उसे मौके पर जाना चाहिए था। कोर्ट को बताया गया कि पकड़े गए आरोपियों की मेडिकल जांच नहीं हुई, जिससे पता चलता कि वाकई वह शराब पिये थे या नहीं? और यह भी कि फोटो कितना पुराना है, बिहार का है या दूसरे राज्य का है? कोर्ट ने वकील की इन दलीलों को मंजूर करते हुए पुलिस से जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद अगली सुनवाई होगी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
إرسال تعليق