वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कई पीजी विभाग व कॉलेज राजभवन के आदेशों को भी नहीं मानते हैं। राजभवन के अपर सचिव आरके महाजन ने 14 जून 19 को पत्र जारी करते हुए कॉलेज से क्षतिपूर्ति का डाटा मांगा था। वजह सरकार ने छात्राओं से नामांकन शुल्क नहीं लेेने का फरमान जारी किया था। इस क्षतिपूर्ति को पूरा करने के लिए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों से सारा ब्योरा मांगा गया था। सत्र 2016-17,2017-18 व 2018-19 के नामांकन में किस कॉलेज में कितना क्षतिपूर्ति हुआ है, उसका सारा लेखा-जोखा देेने को कहा गया था, परंतु मात्र 7 अंगीभूत, तीन संबंद्ध कॉलेज व 17 पीजी विभाग ही अब तक डाटा को भेज सके। अधिकारियों ने बताया कि सभी कॉलेजों के द्वारा डाटा नहीं दिये जाने के कारण सरकार के पास रिपोर्ट नहीं भेजा रहा है। गौरतलब हो कि सरकार से क्षतिपूर्ति की राशि नहीं मिलने से महाविद्यालय की स्थिति काफी चरमरा गयी है। खास कर महिला कॉलेजों की। अन्य कॉलेजों की लापरवाही के कारण इन कॉलेजों का भी डाटा अब तक सरकार के पास नहीं भेजा जा सका है।

इन कॉलेजों ने अभी तक भेजा है क्षतिपूर्ति डाटा

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के सात अंगीभूत, तीन संबंद्ध कॉलेज व 17 पीजी विभाग ने अब तक डाटा भेजा है। इनमें महंथ महादेवानंद महिला कॉलेज,जैन कॉलेज,जगजीवन कॉलेज, एमभी कॉलेज बक्सर, जीबी कॉलेज रामगढ़,रोहतास महिला कॉलेज व एसपी जैन कॉलेज सासाराम अंगीभूत कॉलेज शामिल है। वहीं संबंध कॉलेज में सुमित्रा महिला कॉलेज, पटेल कॉलेज व गिरीश नारायण मिश्रा परसुथअवा शामिल है।

राजभवन के आदेश के बाद भी कॉलेजों ने नहीं भेजा क्षतिपूर्ति का डाटा

वीकेएसयू में शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया हुई तेज

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में शिक्षकों के प्रोमोशन की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है। जिन शिक्षकों ने विभिन्न योजनाओं के तहत प्रोमोशन के लिए आवेदन विगत नौ माह पहले जमा किया था। वैसे शिक्षक से पूर्व में हुए नोटिफिकेशन की स्कैन कॉपी सहित अन्य कागजातों की मांग की गयी है। सीसीडीसी डॉ जमील अख्तर ने बताया कि जल्द ही स्क्रीनिंग की प्रक्रिया आरंभ होगी। इसके बाद तीन एक्सपर्ट के पास आवेदन को भेजा जाएंगा। एक्सपर्ट से रिपोर्ट आने के बाद इसे सेलेक्शन कमेटी व सिंडिकेट में रखा जाएगा। वहां से अनुमोदित होने के बाद इस पर मुहर लगा दी जाएगी। 15 दिनों के भीतर कॉलेज को नोटिफिकेशन सहित अन्य दस्तावेजों को जमा कराने का आदेश दिया गया है। गौरतलब हो कि विभिन्न कॉलेजों से संभावित 165 शिक्षकों ने नौ माह पहले प्रोमोशन के लिए आवेदन दिया था।

7 नवंबर को होगी शिक्षक संघ की बैठक, संघर्ष तेज करने पर होगा मंथन

वीकेएसयू के शिक्षक संघ 14 मांगों को लेकर 7 नवंबर को बैठक करेंगे। भकुष्टा अध्यक्ष डॉ विश्वनाथ चौधरी ने बताया कि संघर्ष को तेज करने के लिए बैठक में मंथन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 7 वेें पुर्नरीक्षित वेतनमान में शिक्षकों का वेतन निर्धारण करने व महीने के पहले सप्ताह में वेतन सुनिश्चित करने सहित अन्य मांगों पर विश्वविद्यालय प्रबंधन को कैसे घेरा जाए। इसको लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।



वित्तीय अनियमितता करने वाले कॉलेजों पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के तीन अंगीभूत कॉलेजों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। पूर्व सिनेटर अजय कुमार तिवारी मुनमुन ने इसको लेकर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने बताया कि जैन कॉलेज, महाराजा कॉलेज व डीके कॉलेज डुमराव के विरूद्ध नियम को ताक पर रखकर कार्य करने का मामला सामने आया था। तीन कॉलेेजों का महालेखाकार बिहार के द्वारा ऑडिट कराया गया था। ऑडिट रिपोर्ट में तीन कॉलेजों पर वित्तीय अनियमित्तता का आरोप साबित हुआ था। इसके बावजूद आज तक इन कॉलेजों पर विश्वविद्यालय प्रबंधन कोई कार्रवाई नहीं कर सका। विश्वविद्यालय के अधिकारी मामले की सिर्फ लीपापोती कर रहे हैं। इस कारण लोगों में भी भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। जिससे की विश्वविद्यालय की व्यवस्था पर सवालिया निशान उठाए जा रहे हैं।



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