जिले में होने वाली अधिकतर हत्या के पीछे की वजह जमीनी विवाद ही सामने आती है। जिले के कई ऐसे इलाके हैं, जहां दशकों से जमीनी विवाद खत्म नहीं हो सका है। 5 नवम्बर की शाम चमथा दियारे में जमीन पर अपना अपना दावा करते हुए गांव के ही दो पक्ष के लोगों के बीच जम कर गोलीबारी हुई। इस गोलीबारी में दो पुरूष और एक 3 महिला की मौत हो गई। वहीं 6 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस के बड़े अफसर गांव में कैम्प कर रहे हैं।

भवानंदपुर में जमीन पर अवैध कब्जा हटाने के दौरान सैप के जवान और एक ग्रामीण की हुई थी हत्या

साल 2011 के 16 अप्रैल को वीरपुर थाना क्षेत्र के भवानंदपुर गांव में खेत में बनी अवैध झोपड़ी हटाने के दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। इस हमले में भीड़ ने सैप के जवान उमाशंकर राय को पीट पीट कर मार डाला और एक दर्जन पुलिस के जवानों को जख्मी कर दिया था। वहीं गोली लगने से गांव का ही भुल्लु यादव भी मारा गया था।

खेत में पटवन कर रहे सांसद के फुफेरे भाई और भतीजे की भी हुई थी हत्या

जमीनी विवाद में ही महादलितों ने तात्कालीन नवादा के सांसद डॉ भोला प्रसाद सिंह के फुफेरे भाई सचिंद्र सिंह और उनके पुत्र सौरभ की गोली मार कर हत्या कर दी थी। यह सनसनीखेज वारदात नीमचांदपुरा थाना क्षेत्र के बोदी बहियार में हुई थी। मृतक पिता और पुत्र इनियार गांव के रहने वाले थे। हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने मझनपुर ज्ञान टोल में महादलित बस्ती में आग लगा दिया था। यह वारदात 28 दिसम्बर 2012 को हुई थी।

खांजहांपुर में खेत जोत रहे तीन मजदूरों को निर्दयतापूर्वक काट कर मार डाला गया था

5 सितम्बर 2011 को चेरियाबरियारपुर थाना क्षेत्र के खांजहांपुर गांव में खेत जोत रहे 3 मजदूरों को दबंगों ने जमीनी विवाद में मार दिया था। दबंगों ने दो मजदूरों को तेज धार हथियार से काट कर मार दिया। वहीं झड़ी सहनी की हत्या कर शव को गायब कर दिया था। यह वारदात भी काफी सुर्खियों में रहा था

जमीन के लिए एक परिवार में हुए खूनी खेल एक नजर में

साल 2015 के 20 अप्रैल की देर शाम मटिहानी थाना क्षेत्र के शंकरपुर बखड्डा में किरण देवी और उनके पुत्र मुरारी कुंवर की गोली मार कर हत्या हुई थी। बदमाशों ने किरण देवी की बेटी जूली कुमारी को गोली मारने का प्रयास किया था। इस दोहरे हत्याकांड के पहले किरण देवी के पति संजय कुंवर की हत्या हुई थी। तीनों हत्याकांड में संजय कुंवर के भाई और भतीजे पर नामजद एफआईआर हुआ था। तीनों हत्याकांड के पीछे जमीनी विवाद ही था। इसी जमीनी विवाद के कारण पिछले साल दिसम्बर माह में मटिहानी थाना क्षेत्र के बदलपुरा में मनोज कुमार सिंह को गोलियों से छलनी कर दिया गया। इस चर्चित हत्याकांड में भी संजय कुंवर और उसके पुत्र को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने हत्या के तुरंत बाद गुलशन और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया था।

भाई ने बड़े भाई, भाभी और भतीजी को गोलियों से छलनी कर मार डाला

जमीन के चंद टुकड़े के लिए सिंघौल सहायक थाना क्षेत्र के मचहा गांव में विकास सिंह ने अपने बड़े भाई कुणाल सिंह, भाभी कंचन देवी और भतीजी सोनम कुमारी को गोलियों से छलनी कर दिया था। यह वारदात इसी साल 27 अक्टूबर के दीपावली की रात हुई। इससे पहले आरोपी विकास सिंह ने साल 2012 में अपने चाचा अरूण कुमार सिंह और साल 2014 में चाची मन्नी देवी की गांव में ही गोली मार कर हत्या कर दी थी।

मधुसूदनपुर गांव के पास दो मजदूरों की हुई थी हत्या

जमीनी पर वर्चस्व की लड़ाई में दबंगों ने महेश राम और रामप्रवेश राम को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया था। यह घटना 21 मार्च 2016 को बलिया थाना क्षेत्र के मधुसूदनपुर दियारा में हुई थी।

चमथा में खुलेगा पुलिस पिकेट: चमथा दियारे की घटना काफी दुःखद है। इस मामले में 6 बदमाशों की गिरफ्तारी हुई है। चमथा दियारे में पुलिस पिकेट खोला जाऐगा।



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