
ग्रामीण क्षेत्र के गरीब लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चालू की गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत अपने प्रारंभिक चरण में ही गड़बड़ी का भेंट चढ़ने लगा है। जिसको लेकर मंगलवार को भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष सुजीत कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल सीएचसी प्रभारी डॉ विमलेश प्रकाश से मिलकर इस योजना में की जा रही गड़बड़ी को रोकने के लिए पहल करने को कहा। उन्होंने प्रखंड क्षेत्रों में अब तक सिर्फ 10 प्रतिशत लोगों को ही गोल्डन कार्ड मिलने की बात बताई। वहीं सीएचसी के माध्यम से यह कार्ड बनाने के लिए आम लोगों को भेजी जा रहे पत्र में गड़बड़ी होने की भी शिकायत की। उन्होंने बताया कि जो भी पत्र आशा के माध्यम से भेजा जा रहा है उसमें आधे से अधिक लोगों के नाम एवं पता में गड़बड़ी देखा जा रहा है जिससे कार्ड बनने के बाद भी उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। सीएचसी प्रभारी डॉ विमलेश प्रकाश ने बताया कि पत्र में जो भी गड़बड़ी है वह ऊपर से ही बन कर आई है। इसमें हम लोग कुछ भी सुधार नहीं करवा सकते हैं। आशा के द्वारा किसी प्रकार की गड़बड़ी अगर पाई जाती है तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रखंड क्षेत्रों में 19800 से अधिक लोगों को इस योजना के लिए नामित किया जा चुका है। जिन्हें पत्र भेजकर कार्ड बनाने के लिए कहा गया है। शिष्टमंडल में महामंत्री चंद्र मोहन कुमर, प्रखंड उपाध्यक्ष महेश प्रसाद सौह, नीलांबर सदा, समेत कई लोग शामिल थे।
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