आग की लपटें इतनी तेज थी कि घर से किसी को कोई समान निकालने का मौका नहीं मिल सका। गुहाल घरों में खूंटे से बंधे मवेशियों को भी खोल पाना संभव नहीं हो सका और सभी मवेशी आग में झुलस कर बेमौत मारे गए। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से तथा पंपसेट के जरिये आग पर काबू पाया गया। इस अगलगी की घटना में अग्निपीड़ित पूर्व सरपंच सईद अख्तर के घर में रखे सभी सामानों के अलावे एक गाय, पांच खस्सी, एक साइकिल और नगद तीस हजार रूपए जले हैं। मो शाबिर के एक थ्रेसर मसीन, एक पंपसेट और पांच खस्सी झुलस कर मरे हैं। मो जावेद के एक नई बाइक और दो साइकिल जले हैं। मो शमसाद की एक गाय का बच्चा सहित झुलस कर मरे हैं। मो शाहनवाज के संपत्ति के अलावे एक गाय झुलसी है जिसका उपचार कराया जा रहा है। घटना की सूचना देते हुए पंचायत मुखिया दिनेश विश्वास, उपमुखिया जुबेर आलम एवं पूर्व समिति ब्रह्मदेव विश्वास ने अग्निपीड़ित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने एवं आपदा अनुग्रह अनुदान की सहायता उपलब्ध कराने की मांग अमौर अंचल प्रशासन से की है। अमौर अंचलाधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि संबंधित राजस्व कर्मचारी को जांच का आदेश दिया गया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर अग्निपीड़ितों को सरकारी प्रावधान के तहत अनुदान की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बंगरा मेंहदीपुर पंचायत के कजराटोली गांव में उठती आग की लपटें।
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