बीस सूत्री की बैठक में कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा के शामिल नहीं हाेने पर एक बार फिर साेमवार काे सियासत गरमा गई है। विधायक शर्मा और डिप्टी मेयर राजेश वर्मा आमने-सामने हो गए हैं। विधायक के समर्थन में उनके समर्थक भी उतर आए। रविवार को डिप्टी मेयर ने विधायक के बैठक में शामिल नहीं हाेने पर जो सवाल खड़े किए, उसके बाद विधायक समर्थकों ने डिप्टी मेयर के खिलाफ मोर्च खोल दिया। साेमवार काे डिप्टी मेयर ने अपने फेसबुक वाल पर पाेस्ट किया कि हमने विकास पर सवाल किया। विधायक ब्रिगेड में बाैखलाहट स्वभाविक है, क्याेंकि चुनाव का माैसम अानेवाला है। विधायक शर्मा ने कहा, डिप्टी मेयर के किसी भी बयान पर कोई जवाब देना उचित नहीं समझता हूं, जबकि विधायक समर्थकों ने कहा है कि जो पार्षद अपने कोटे से वार्ड में नागरिक सुविधाएं नहीं उपलब्ध करवा सकता, उन्हें विधायक के बारे में बोलने का कोई हक नहीं है।
विकास पर तीखे सवाल करूंगा, पांच साल में क्या किया बताएं : डिप्टी मेयर
मैं डिप्टी मेयर के बयान पर कोई जवाब देना उचित नहीं समझता : विधायक
पर्दे में रहकर सियासत क्यों, मुद्दों पर बात करें नगर विधायक
डिप्टी मेयर ने सवाल किया कि शहर की समस्याओं के हल पर बात नहीं करनी चाहिए? जवाब में अनर्गल आरोपों के साथ उनका ब्रिगेड मैदान में है। विकास की बात पर मैं तीखे और सीधे सवाल करूंगा ही। किसी की बौखलाहट की परवाह नहीं करता। पहले भी मैंने विधायक को इस मुद्दे पर चुनौती दी है। आज भी पूछता हूं, बताएं...भागलपुर के लिए क्या किया? पांच साल का हिसाब दें? हवा-हवाई बयान और अनर्गल आरोप से राजनीति नहीं चलने वाली। वे दिन गए। किसका क्या कद है, ये जनता तय करती है और आगे भी करेगी। मुद्दों पर बात करें। पर्दे में रहकर सियासत क्यों? हां, हाल में चौराहे पर छिटपुट प्रदर्शन में नजर जरूर आए। खुलकर कहता हूं कि मैं ठेके-पट्टे व कमीशनखोरी की राजनीति नहीं करता। ऐसा करने वालों की राजनीति मैंने निगम में चलने भी नहीं दी। राजनीति का उद्देश्य भागलपुर की सेवा करना है। बाकी समय के साथ जनता तय कर देगी।
सब बीस सूत्री बैठक में हो जाएगा ताे विस अौर लोस किसलिए है
विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि मैं डिप्टी मेयर के किसी बयान पर काेई जबाव देना उचित नहीं समझता हूं। फिर भी कहता हूं कि मैं बीस सूत्री की बैठक में नहीं अाया, इसकी वजह है। दिल्ली में कांग्रेस के देशभर के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन था। मैं कार्यकर्ताअाें काे लेकर वहां गया था ताे बैठक में कैसे रहता? दूसरी बात यह भी है कि दाे दिन पहले हमें सूचना मिलेगी ताे कैसे जा सकता हूं। दिल्ली जाने से पहले बैठक की सूचना भी नहीं थी। इसलिए मैंने डीएम काे पत्र लिख कर कहा है कि शहर की समस्या को लेकर कोई योजना बने तो यह देख लें कि विधायक शहर में हैं या नहीं। शहर में लग रहे जाम पर हमने विधानसभा में अावाज न उठाई हाे ताे काेई बाेले। अगर बीस सूत्री की बैठक से ही सबकुछ हाे जाएगा ताे विधानसभा व लाेकसभा किसलिए है।
डिप्टी मेयर गरेबां में झांकें : कांग्रेस
कांग्रेस नेत्री कोमल सृष्टि, संजय कुमार सिन्हा, सोइन अंसारी, डॉ. अनवारूल हक, रवींद्र नाथ यादव, अभिषेक चौबे, सौरभ पारीक, विवेक जैन, रणवीर शर्मा ने भी डिप्टी मेयर के खिलाफ विराेध जताया है। सभी ने कहा है कि डिप्टी मेयर को अपने गिरेबां में देखना चाहिए। जो पार्षद अपने कोटे से वार्ड में नागरिकों को सुविधाएं नहीं दिला सकता, उन्हें विधायक के बारे में बोलने का कोई हक नहीं। पूरा भागलपुर जानता है कि निगम में कैसे जनमत की खरीद-फरोख्त हुई है। वे शायद यह नहीं समझते कि चांदी और सोने के सिक्के से व्यक्ति विशेष को खरीद सकते हैं, जनता के विश्वास को नहीं।
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