मूर्तिकार संतोष पंडित, राजीव पंडित, नारायण पंडित और राकेश पंडित ने बताया कि एक प्रतिमा को चार से पांच दिनों में सुख जाना चाहिए था। लेकिन कुहासा के कारण जल्दी सुख नहीं पा रही है। जिसके कारण निर्माण कार्य धीमा हो गया है। शिल्पकारों ने बताया कि दिसम्बर माह से प्रतिमा बनाने का कार्य शुरू करते हैं। जो जनवरी के आखरी दिनों तक चलता है। 30 जनवरी को सरस्वती पूजा होना है। लेकिन अभी भी मूर्ति को सूखने में काफी समय बांकी है। इस कारण प्रतिमा के आगे का कार्य रुका हुआ है। ये मूर्तिकार अररिया प्रखंड के पटेगना से आकर शहर में मूर्ति बनाने का काम करते हैं। इनका ये कार्य पीढ़ियों से चलता आ रहा है। इन कलाकारों का कहना है कि हमलोग 70 से 100 सरस्वती की प्रतिमाओं का निर्माण करते हैं। लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी के कारण प्रतिमा अधिक नहीं बना पा रहे हैं।
प्रतिमा बनाते मूर्तिकार।
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