उन्होंने पोस्को एक्ट पर चर्चा करते हुए कहा कि हमारे देश में फांसी की सजा का समर्थन नहीं किया जाता था, परंतु देश में कुछ ऐसी जघन्य घटनाएं हुई जो सभी को हिला कर रख दिया। इसके कारण देश में फिर से फांसी की सजा को समर्थन मिलने लगा है। समाज में महिलाओं को भी सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए। प्राधिकार सहायक कुमार गौरव ने कहा कि समाज में निःसंतान लोगों की उपेक्षा करने के बजाय अनाथों को कानूनी रूप से गोद लेने की सलाह देनी चाहिए।
इससे एक ओर जहां अनाथ बच्चों को माता-पिता का सहारा मिलेगा। वहीं दूसरी ओर निःसंतान माता-पिता को संतान सुख मिलेगा। शिविर में मानसिक रोगियों का स्वस्थ्य जांच भी किया जाना था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सक टीम नहीं पहुंची। शिविर में पंचायत के सरपंच नीलांबर पासवान, न्यायमित्र दिलीप कुमार, उप सरपंच मिथिलेश सिंह, मुखिया पति पप्पू सिंह, पीएलवी धीरज कुमार सिंह, कृष्ण झा, ललित सदा, देवकांत साहु, दुलारी देवी, लक्ष्मी यादव ,किरण देवी, शिवजी पासवान आदि मौजूद थे।
विधिक जागरूकता शिविर मे बोलते अधिवक्ता अमरेश झा।
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