केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि बिहार के हर जरूरतमंदों को अनाज मिलेगा। इसमें कोई विवाद नहीं है और न कोई परेशानी है। सिर्फ केन्द्रीय मानकों का पालन करना होगा। बिहार के जितने भी पात्र लोग होंगे, उन्हें केन्द्र सरकार हर महीने अनाज उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। बिहार के 8.71 करोड़ लोग खाद्य सुरक्षा एक्ट के तहत अनाज पाने के हकदार थे, लेकिन सिर्फ 8.57 करोड़ लोगों को ही अनाज मिल पा रहा था। इसकी जानकारी मिलते ही उन्होंने खुद पहल की और बिहार के वंचितों को राशन के लिए प्रभावी कदम उठाए। आज उन्हें अनाज मिल रहा है। केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार 81 करोड़ लोगों को अनाज दे रही है। एेसे में किसी जरूरतमंद को छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता।
मई से ही नियमित अनाज मिलेगा: पासवान
पासवान ने कहा कि बिहार के 14 लाख लोग खाद्य सुरक्षा एक्ट के तहत अनाज से वंचित थे और एक निश्चित प्रक्रिया का पालन करने के बाद हमने उनके लिए अनाज उपलब्ध कराया है। इन्हें मई से ही नियमित अनाज मिलेगा। आगे भी जिन्हें आवश्यकता होगी, केन्द्र सरकार उन्हें अनाज देगी। इस पर कोई रोक थोड़े ही है। लेकिन इसके लिए एक पाॅलिसी है और हम उसे पूरा करने के लिए नियमों से बंधे हैं। इसमें कोई राजनीति नहीं है। मदन सहनी के आरोपों पर उन्होंने कहा हम बिहार के लोगों के हितों से जुड़े हैं। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि कोई जरूरतमंद वंचित न रहे। केन्द्र मदद के लिए तैयार है। एेसे उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर सारी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंगलवार को पासवान ने ट्वीट कर बताया था कि बिहार में 14 लाख से ज्यादा नए कार्डधारकों के लिए सरकार की तरफ से 2769.98 टन अनाज आवंटन की मंजूरी दे दी गई।
मदन साहनी का सवाल
बिहार में गरीबों के लिए अनाज देने के मुद्दे पर वाहवाही लूटने का प्रयास कर रहे केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान से बिहार के खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन साहनी ने एक सीधा सवाल पूछा। बुधवार को खाद्य मंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री उस अंकगणित का खुलासा करें जिसके जरिए वे 2769.98 टन अनाज से ही 14 लाख लोगों का पेट भर देंगे। हमारे हिसाब से तो प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज के हिसाब से इतने लोगों को भोजन मुहैया कराने के लिए हरेक महीने कम से कम सात हजार मीट्रिक टन अनाज चाहिए। खाद्य मंत्री ने कहा कि पासवान बिहार के हैं लेकिन उन्होंने बिहार के लोगों के साथ न्याय नहीं किया। आंकड़ों में इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद भी अपने ट्वीट को पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के ट्विटर पर भी टैग कर दिया।
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