युवा जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह डिहरी विधानसभा प्रभारी(प्रदेश) दिलीप कुशवाहा, अरवल जिला संगठन प्रभारी जेपी चंद्रवंशी, राजगीर विधानसभा प्रभारी संजय कुमार सिंह ने बिहार के जमालपुर स्थित रेलवे प्रशिक्षण संस्थान को बंद कर लखनऊ स्थानांतरित करने पर रेल मंत्रालय के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है। श्री कुशवाहा ने कहा कि जमालपुर के रेलवे प्रशिक्षण संस्थान बिहार का सबसे पुराना प्रशिक्षण संस्थान है। एशिया का सबसे बड़ा व प्रसिद्ध रेल इंजन कारखाना जमालपुर की स्थापना 8 फरवरी 1862 को हुई थी। इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग नाम से यह प्रशिक्षण संस्थान 1888 में खोला गया, इसमें 1927 से रेलवे के मैकेनिकल इंजीनियर को प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। रेलवे के छह मुख्य संस्थानों में यह सबसे पुराना है। पहले भी केंद्र सरकार इस संस्थान को साज़िश के तहत बन्द करने के प्रयास किया है।

2015-16 में भी ऐसे प्रयास हुए थे, तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी केंद्र सरकार के फैसले पर रोष जताया था। उनका कहना था कि अगर प्रधानमंत्री देश में रेलवे यूनिवर्सिटी बनाना चाहते है तो क्यों नही जमालपुर के इस संस्थान को ही यूनिवर्सिटी बना देते। तब रेलवे बोर्ड ने आश्वासन दिया था कि संस्थान बंद नहीं होगा। लेकिन, केन्द्र सरकार और रेलवे बोर्ड एक साजिश के तहत इतने पुराने और उच्च श्रेणी के संस्थान को बंद कर दूसरे राज्य में स्थानांतरित करना चाहती है। केंद्र सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। इसके लिए बिहार के तमाम सांसदों को भी इस मामले पर रेल मंत्री से बात करना चाहिए क्योंकि यह बिहार के अस्तित्व और पहचान का सवाल है। वहीं श्री चंद्रवंशी और श्री सिंह ने कहा कि एकतरफ बिहार के लोग आस लगाए बैठे हैं कि बिहार में रोजगार की संभावना बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार कोई इंडस्ट्री लगाएगी, इधर जो सहारा पहले से है वो भी छीन लिया जा रहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

Post a Comment