शहर के बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में सोमवार की रात 55 वर्षीय महंत गौतम दास ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष रंजन कुमार दल-बल के साथ बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर पहुंचे और छानबीन में जुट गए।
पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भिजवाया। थानाध्यक्ष ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है। हालांकि महंथ ने आत्महत्या की है या उनकी हत्या हुई है, यह जांच के बाद ही क्लियर हो सकेगा।
मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन की तरह महंत सोमवार की रात खाना खा कर मंदिर परिसर के बरामदा पर सोने के लिए गए। इस दौरान देर रात महंत ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार की सुबह मंदिर परिसर में समिति के लोगों ने उन्हेंफांसी पर लटका हुआ देखा। इसके बाद इसकी की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई।
लॉकडाउन से पहले महंथ की हुई थी पिटाई
इधर घटना को लेकर शहर में जितनी मुंह उतनी बातें हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि महंत मृदुभाषी थे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी। स्थानीय कुछ लोगों ने बताया कि लॉकडाउन के पूर्व मंदिर परिसर के ही कुछ लोगों ने महंथ की जमकर पिटाई की थी और उन लोगों ने महंथ को मंदिर छोड़कर चले जाने की बातें कही थी।
लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन की वजह से महंथ मंदिर छोड़कर नहीं जा सके थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
إرسال تعليق