जालंधर, दिल्ली, रोहतक, मुंबई आदि प्रांतों से लौट कर ग्राम पंचायत महगामा आए दर्जनों प्रवासियों को ग्रामीणों ने प्रवेश की अनुमति नहीं दी। जिसके कारण इन लोगों को गांव के बाहर ही पेड़ के नीचे समय व्यतीत करना पड़ रहा है। प्रवासियों के परिजन गांव के बाहर ही उनके लिए भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।
सफर की थकावट और घर लौटने के बाद भी सुविधा नहीं मिलने पर प्रवासियों की हिम्मत टूटी हुई थी। मुंबई से बनरकोला गांव लौटे मुकेश कुमार,चंडी मांझी, पप्पू कुमार, सुनील कुमार, धीरा कुमार आदि ने बताया कि जैसे तैसे पांच दिन की यात्रा कर गांव लौटने के बाद भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
श्रमिकों का कहना है कि गांव लौटने के बाद प्रशासन एवं स्थानीय प्रतिनिधि को सूचना दी गई परंतु अबतक उनकी कोई खोज-खबर नहीं ली गई है। स्थानीय मुखिया अजय कुमार ने बताया कि इसकी सूचना प्रशासन को दे दी गई है। प्रवासियों को खाना की व्यवस्था की जा रही है। वहीं बीडीओ प्रभात रंजन ने बताया कि जिसकी जानकारी मिली, उन्हें स्वास्थ्य जांच के पश्चात क्वारंटाइन कैम्प में भेजा गया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
إرسال تعليق