राष्ट्रीय वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राज कुमार चौधरी ने खाद-बीज व्यापारियों पर प्रशासन द्वारा मनमाने ढंग से की गई एकतरफा कार्रवाई पर रोष जताया है। विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि ज़िला कृषि पदाधिकारी और खाद-बीज व्यापारियों के बीच हुए विवाद से न सिर्फ सरकार की किरकिरी हुई है बल्कि इससे पूर्णिया में कृषि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के आरोपों को बल मिला हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष राज कुमार चौधरी,जिलाध्यक्ष प्रकाश जायसवाल,प्रधान महासचिव अंजनी कुमार साह,मीडिया प्रभारी अभिषेक लाठ ने संयुक्त रूप से कहा कि डीएओ कार्यालय में एक निजी व्यक्ति के रहने के व्यापारियों द्वारा लगाए गए आरोप का भी कोई सटीक जवाब सामने नहीं आया।
वहीं,दूसरी ओर दमनात्मक चेहरा दिखाते हुए जिस प्रकार छापेमारी कर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया,यह घोर निंदनीय है। लोकतंत्र में सबको अभिव्यक्ति की आजादी और विरोध-प्रदर्शन का अधिकार है। किंतु,प्रशासन द्वारा बीज विक्रेताओं पर पुतला दहन करने पर भी मुकदमा दर्ज करना अंग्रेजी हुकूमत को दर्शाता है।
महासभा के प्रांतीय नेता श्री चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय वैश्य महासभा ने गिरफ्तार व्यापारियों को अविलंब रिहा करने, मुक़दमे को वापस लेने और डीएओ के अविलंब स्थानान्तरण की मांग करती है। ज़िले के खाद-बीज विक्रेता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। विक्रेता सिर मुंडन करवा कर अपना बाल सरकार को भेज रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएओ के फेसबुक वॉल पर आरक्षण विरोधी कई पोस्ट किए गए हैं,जो एक सरकारी कर्मचारी के पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है। महासभा डीएम से इस बिंदु पर भी जांच कर उचित कार्रवाई की मांग करती है।
प्रदेश उपाध्यक्ष श्री चौधरी ने कहा कि अगर हमारी इन सभी मांगों पर विचार कर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो महासभा पूरे ज़िले में आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
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