जिले में एक ही टीईटी क्रमांक पर कार्यरत कई शिक्षकों का मामला परत दर परत खुला मगर कई माह बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो पायी है। जिसके कारण जांच के घेरे में आए शिक्षकों का वेतन लंबे समय से बंद है। बता दें शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच दौरान एक ही शैक्षणिक प्रमाण पत्र कई शिक्षक कार्यरत हैं। एक क्रमांक पर कई शिक्षक काम कर रहे थे। कई प्रखंडों में ऐसी स्थिति मिली थी। आरटीआई कार्यकर्ता गुड्डू कुमार की शिकायत के बाद कई शिक्षकों का वेतन बंद है।
फर्जी शिक्षक के मामले में 5 माह बीत जाने के बाद भी न तो जांच पूरी हो पायी है और न ही वेतन दिया जा रहा है। जिसके कारण इनमें आक्रोश है। शिक्षकों ने बताया कि जनवरी से ही वेतन नहीं मिला है। इन लोगों ने अपनी मांगों को लेकर डीएम और डीईओ को ज्ञापन भी सौंपा है। शिक्षक संघ गोप गुट की जिलाध्यक्ष सुनीता सिन्हा ने बताया कि डीईओ और डीपीओ स्थापना से इस संबंध में बात हुई है। जल्द ही इस मामले का निष्पादन करने का आश्वासन दिया गया है।
डीईओ मनोज कुमार ने बताया कि शिक्षकों का आवेदन डीपीओ स्थापना को भेज दिया जाएगा। उन्होने कहा कि जल्द जांच पूरी कर ली जायेगी। यदि जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिलती है तो शिक्षकों का वेतन चालू कर दिया जायेगा। दोषी पाये गये तो नौकरी जाने के साथ-साथ मामला भी दर्ज होगा।
निगरानी समिति के अधिकारी के साथ होगी बैठक
डीपीओ स्थापना अरिंजय कुमार ने बताया कि जल्द जांच पूरी करने के लिए निगरानी समिति के अधिकारी और बीईओ के साथ बैठक बुलाई गई है। उन्होने बताया कि यह मामला लोकयुक्त के पास विचाराधीन है। उन्हें अभी डीईओ कार्यालय से सिर्फ 14 शिक्षकों के वेतन जारी करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। डीपीओ ने बताया कि इन शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए संचिका डीईओ के पास जल्द भेज दी जायेगी।
डीईओ ने 14 शिक्षकों की लिस्ट की जारी: फरहत जबी, सफ़ीया खातून, शिरी निशात, संतोष कुमार, सुदर्शन लाल, शक्ति कुमार, कौशल कुमार, धीरज कुमार, राजू कुमार, संजय कुमार, अंजु कुमारी, प्राची,सुनीता कुमारी, विभन चन्द्र जयकर।
इन शिक्षकों ने वेतन के लिए सौंपा ज्ञापन
मो ओवैस अनवर,ज्योत्सना कुमारी, प्राची, कुमारी साधना, सुनीता कुमारी, आशा कुमारी, मो साबिर, अजय कुमार, अंजु कुमारी, सविता कुमारी, अवनीश कुमार, रश्मि कुमारी, जितेंद्र कुमार मेहता, ऋषिकेश कुमार प्रभंजनी, धीरज कुमार, अभिषेक कुमार पाण्डेय सहित दर्जनों शिक्षक शामिल थे।
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