विभिन्न प्रांतों से आने वाले प्रवासियों को सरकारी बस क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचाने की बजाय बरियारपुर में ही उतार दे रही है। जहां से प्रवासी बाजार भ्रमण करते दिख रहे हैं। ऐसे में बरियारपुर के लोग कोरोना संक्रमण से सहमे हैं। मंगलवार को हरियाणा से लौट रहे बंगाली टोला निवासी प्रवासी बरियारपुर पहुंचे। लेकिन बस चालक ने ब्लॉक मोर बरियारपुर के समीप उतार दिया।

प्रवासी संजय मंडल, रविंद्र कुमार, विभीषण मंडल, फागो कुमार आदि ने बताया कि हम सभी करहरिया पश्चिमी पंचायत अंतर्गत बंगाली टोला गांव के निवासी हैं। सभी हरियाणा में मजदूरी करते थे जहां कोई काम नहीं रहने के कारण ट्रेन एवं बस के सहारे वापस घर आए हैं। हम लोगों को बस चालक द्वारा ब्लॉक मोड़ पर उतार दिया गया। हमें पता भी नहीं कि हम किस क्वॉरेंटाइन सेंटर को जाएंगे। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सभी प्रवासियों को अंचल कार्यालय बरियारपुर भेज दिया गया।

ग्रामीणों ने कहा कि प्रखंड में आने-वाले प्रवासियों के लिए कहीं भी रिसीविंग केंद्र नहीं बनाया गया है। जिस कारण विभिन्न स्थानों से प्रवासी को लेकर आए सरकारी बस के द्वारा जहां तहां छोड़ दिया जाता है।अगर प्रखंड में एक स्थान पर प्रवासी रिसिविंग केंद्र बना दिया जाए तो प्रवासी यत्र तत्र नहीं भटकेगे।

रिसिविंग केन्द्र से प्रशासनिक अधिकारी की देखरेख में उन्हें सकुशल क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचा दिया जाएगा। प्रखंड वासियों ने प्रखंड में एक स्थान पर प्रवासियों का रिसीविंग केंद्र बनाये जाने की मांग की है।



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The residents of Bariyarpur are scared of migrants by bus

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