फारबिसगंज अनुमंडल अस्पताल के आइसाेलेशन केंद्र में काम करने वाले डॉक्टर और कर्मी नियम को ताक पर रखकर ओपीडी व प्रसव गृह में भर्ती मरीजाें के बीच काम कर रहे हैं। इससे दूसरे मरीजों के संक्रमित होने का खतरा है। दो दिन पहले दोनों जगहाें पर काम कर रहे खाना खिलाने वाले, सफाई एवं इलेक्ट्रिक वाले मिस्त्री के सैंपल जांच के लिये भेजा गया है। उपाधीक्षक डॉ आशुतोष कुमार भी तीन दिनों से हो रहे खांसी को ले अपनी जांच कराने की बात कहते नजर आए। दोनों जगह काम करने वाले डाक्टर खुद ही बीमारी बनकर घूम रहे हैं। दरअसल, इनपर मनमाने ढंग से दवाब बनाकर अस्पताल प्रशासन द्वारा काम लिया जा रहा है।
ओपीडी सेवा प्रसव गृह में इलाज कराने वाले प्रतिदिन करीब 300 मरीज कोरोना संक्रमण होने को लेकर भयभीत हैं। वहीं ओपीडी व प्रसव में कार्य कर रहे डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी आइसोलेशन वाले डॉक्टर व कर्मी के कार्य करने से भयभीत हैं। विभाग के निर्देशानुसार अनुमंडलीय अस्पताल में पॉजिटिव मरीजों की भर्ती हाेने की स्थिति में प्रसव व अन्य स्वास्थ्य सेवाएं स्थगित कर केवल पॉजिटिव मरीजों का ईलाज का निर्देश है। स्वास्थ्य विभाग गाइडलाइन कहता है जो डॉक्टर या कर्मी कोरोना आइसोलेशन में कार्यरत हैं उनकी ड्यूटी कहीं और नहीं होनी चाहिए।
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