जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न्याय के साथ विकास को जमीन पर पहुंचाया। सत्ता में आते ही वर्ष 2006 में अतिपिछड़ा समाज को उन्होंने न सिर्फ पंचायती राज और नगर निकाय में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया, बल्कि सदियों से वंचित इस समाज का सर्वांगीण विकास किया। जननायक कर्पूरी ठाकुर ने इस समाज के लिए संघर्ष शुरू किया, उसे नीतीश ने अंजाम तक पहुंचाया। अतिपिछड़ों को न सिर्फ पहचान मिली, बल्कि यह समाज राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया है। विधानसभा में भी अतिपिछड़ों की हिस्सेदारी बढ़ेगी।
उन्हाेंने कहा कि विकसित बिहार तब होगा, जब समाज विकसित होगा। समाज का विकास अतिपिछड़ों के विकास के बिना संभव नहीं है। इस बार हमें लोगों के बीच विकसित बिहार-नीतीश कुमार के नारे के साथ जाना है। संतोष कुमार महतो की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय, चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, प्रदेश महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, प्रगति मेहता, प्रदेश प्रवक्ता अरविंद निषाद, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप और शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कन्हैया सिंह मौजूद रहे।
बेहतर शिक्षा के साथ राेजगार की भी व्यवस्था की
आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश ने अतिपिछड़ा समाज को न सिर्फ शिक्षा में तमाम सहूलियतें दीं, बल्कि उनके रोजगार की व्यवस्था भी की। आज हर जिले में इस समाज के छात्र-छात्राओं के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास की व्यवस्था है। अतिपिछड़ा समाज के 2417 छात्र-छात्राओं को बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर 50 हजार रुपए दिए जा चुके हैं। यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर वे एक लाख रुपए के हकदार हैं। परिवहन योजना हो या उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री ने इस समाज का खास ध्यान रखा। आज अतिपिछड़ों के लिए 1650 करोड़ रुपए से अधिक का बजट है।
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