बिहार में भी कोरोना संक्रमित को होम आइसोलेशन व क्वारेंटाइन की अनुमति दी है। होम आइसोलेशन की सुविधा किसे मिले व किसे नहीं, इसका निर्णय जिलाधिकारी लेंगे। होम आइसोलेशन की सुविधा केवल एसिंप्टोमैटिक (बिना लक्षण वाले) मरीजों को ही मिलेगा। एसिंप्टोमैटिक कोमॉर्विड (बिना लक्षण वाले वैसे मरीज जो कैंसर, किडनी जैसी किसी घातक बीमारी से पीड़ित हैं) मरीजों को सिंटोमैटिक (बिना लक्षण वाले) मरीज की तरह इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। होम आइसोलेशन वाले मरीज को दवा किट देने का भी प्रावधान किया गया है। किट में एजिथ्रोमाइसिन, पारासिटामल, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, विटामिन-सी के 10-10 टैबलेट के साथ दो मास्क भी मिलेंगे। किट जिला स्तर पर तैयार किए जाएंगे।
किट में टेलीमेडिसीन का नंबर भी रहेगा : होम आइसोलेशन वाले मरीज की माॅनिटरिंग नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ऑनलाइन करेंगे। किट में टेलीमेडिसीन का नंबर 8010111213 भी रहेगा। इस नंबर पर मिस्ट कॉल कर उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आइसोलेशन वाले मरीजों के घर पर आशा होम क्वारेंटाइन का पोस्टर व स्टिकर भी चिपकाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को आदेश जारी कर दिया है।
नजदीकी अस्पताल के डॉक्टर करेंगे मॉनिटरिंग
होम आइसोलेशन वाले कोरोना संक्रमित मरीज का भी ख्याल स्वास्थ्य विभाग रख रहा है और रखेगा। इन मरीजों की माॅनिटरिंग नजदीकी अस्पताल के डॉक्टर को करने की जिम्मेदारी दी गई है। उनके लिए दवा की किट भी तैयार करने का आदेश दिया गया है।-मंगल पांडेय, स्वास्थ्य मंत्री
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
إرسال تعليق