पिछले एक पखवाड़े से इलाके के खेत पानी के अभाव में सूखा पड़ा था। जहां तहां की खेती पानी नहीं मिलने पर अब धूल उड़ने शुरू हो गए थे। तेज धूप और उमस से खेत खलिहान समेत जीव जंतुओं में अकुलाहट तेज हो गई थी। पूर्वा हवाओं ने आकाश पर बनने वाले बादलों को दूर कहीं क्षितिज से गायब कर रखा था। जिस कारण सबसे बड़ी चुनौती किसानों को धान की रोपाई को लेकर सामने आने लगे।

नहर की पानी जहां जिन खेतों तक पहुंच बना पाता। वहां तक किसानों ने खेतों की रोपाई तेज धूप और उमस भरी गर्मी में भी जारी रखा। लेकिन बारिश नहीं होने से दिन प्रतिदिन उसके मुश्किल बढ़ती जा रही थी। जैसे ही रविवार को दोपहर बाद मानसून की बादल आकाश में मंडराया किसानों की हिम्मत बढ़ने लगी और देखते ही देखते बादलों ने मुसलाधार वर्षा बरसानी शुरू कर किसानों की उम्मीद को बढा मुश्किल आसान कर दिया।



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