पटना नगर निगम की ओर से राजधानी में होने वाले जलजमाव से लोगों को तात्कालिक राहत देने के लिए कच्चा नाला के निर्माण की योजना तैयार की गई है। राजधानी के निचले इलाकों में पानी को निकालने के लिए इस प्रकार की योजना पर काम शुरू भी किया गया है। लेकिन, अब इसमें कई पेंच सामने आने लगे हैं। सबसे बड़ा मसला तो उन मुहल्लों में उठ रहा है, जहां पर पक्की सड़कें बनाई गई हैं। उन्हें तोड़कर कच्चा नाला का निर्माण कराना और पानी निकालने के लिए उसका उपयोग करना कई स्थानों पर असंभव दिख रहा है।

दैनिक भास्कर के साथ गई सोशल ऑडिट टीम ने भी इस प्रकार के मामलों को लेकर कोई ठोस कार्यक्रम तैयार करने की जरूरत बताई थी। राजधानी के निचले इलाकों, खासकर बाइपास के दक्षिणी इलाकों में हुए जलजमाव को दूर किए जाने में निगम प्रशासन की असमर्थता साफ दिख रही है। कुछ इलाकों में नए बने कच्चे नालों के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं। 20 फीट से कम चौड़ी सड़कों पर यातायात प्रभावित हो रही है।

हालांकि, कुछ स्थानों पर इन नाला की खुदाई का लाभ भी लोगों को मिला है। इससे निगम की इस योजना पर ब्रेक लग गया है। अनीसाबाद पुलिस कॉलोनी, बेउर के शिवनगर, श्रीकृष्ण विहार कॉलोनी, मयूर विहार कॉलोनी, गर्दनीबाग के निचले इलाकों से लेकर रामकृष्णा नगर तक के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
पानी को लिफ्ट कराना ही विकल्प, मुख्य सड़क पर भी जलजमाव

शिवनगर कॉलोनी, पुलिस कॉलोनी व श्रीकृष्ण विहार कॉलोनी जमा पानी को निकालने में अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। शिवनगर जैसे निचले इलाके में नाला न होने के कारण करीब ढाई फीट पानी अभी भी मुख्य सड़क पर जमा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी को निकालने के लिए एक पंप को यहां लगाया जाना जरूरी है। अब सक्शन मशीन के जरिए पानी निकालने की बात हो रही है।

पुलिस कॉलोनी व श्रीकृष्ण विहार कॉलोनी में भी जमा पानी को निकालने में भी इसी कारण सफलता नहीं मिल पा रही है। पाटलिपुत्र कॉलोनी में बारिश के बाद से ही जलजमाव हो गया है। अब तक यहां पंप भी नहीं लग पाया गया है। यही स्थिति न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी में भी है। पूर्व वार्ड पार्षद संजीव कुमार ने बताया कि बारिश के बाद लोगों के घरों में पानी घुस गया।



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Question on the scheme of raw drains to remove water from waterlogged areas

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