कोरोना काल में नेत्रदान, देहदान और आर्गन ट्रांसप्लांट बंद है। इस दौरान घर जाकर किसी मृतक का नेत्र लेने पर रोक है। लेकिन, अब नेशनल प्रोग्राम फाॅर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस (एनपीसीबी) की ओर से नई गाइडलाइन आई है। इसके तहत यदि अस्पताल में किसी की मौत होती है और वह कोरोना निगेटिव है, तो उसका कॉर्निया लिया जा सकता है।
उस कॉर्निया को ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। हालांकि मृतक की दोबारा कोरोना जांच करानी होगी। पीपीई किट पहनकर ही कॉर्निया निकालना होगा। नई गाइडलाइन के बाद आईजीआईएमएस के नेत्र विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
आईजीआईएमएस ने शुरू की नेत्र लेने की तैयारी
विभाग के हेड डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि कोरोना की वजह से 100 से अधिक कॉर्निया ट्रांसप्लांट नहीं किया जा सका। नई गाइडलाइन आने के बाद अस्पताल में मृत कोरोना निगेटिव मरीज का नेत्र लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि अभी घर जाकर किसी मृतक का नेत्र नहीं लिया जा सकता है।
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