बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू की वर्चुअल रैली ‘निश्चय संवाद’ को संबोधित किया। उन्होंने विस्तार से राजद के 15 साल और अपनी सरकार के 15 साल का फर्क बताया।
कानून व्यवस्था, अपराध : तब शाम के पहले लोग घरों में घुस जाते थे। सामूहिक नरसंहार का दौर था। गाड़ी से बाहर राइफल की नली निकालकर सब चलता था। इनके संरक्षक के बारे में सब जानते हैं। ये आजकल ज्ञान दे रहे हैं।
कब्रिस्तान, मंदिर : तब कुछ नहीं हुआ। हम 8064 कब्रिस्तानों में से 6299 की घेराबंदी करा चुके हैं। 377 मंदिरों की बाउंड्री हो रही है।
सड़क : तब कहीं रोड था? सड़क में गड्ढ़ा कि गड्ढे में सड़क? हम राज्य के किसी भी कोने से 6 घंटा में राजधानी पटना पहुुंचने का लक्ष्य पा चुके हैं। अब 5 घंटा के लक्ष्य पर काम हो रहा है। हम अब 250 की आबादी के टोलों को सड़क से जोड़ने के काम में लगे हैं।
बिजली- तब बिजली की खपत सिर्फ 700 मेगावाट थी। उपभोक्ता सिर्फ 24 लाख थे। आज 1 .61 करोड़ हैं। हर घर में बिजली पहुंचा दी। लालटेन की जरूरत ही नहीं रही।
शिक्षा : तब के शासन करने वाले नहीं चाहते थे कि पढ़ाई हो। इसलिए कि पढ़ जाएगा तो सोचेगा न? पहले स्कूल का पता नहीं था। हमें शासन का जिम्मा मिला तो 12.5 प्रतिशत बच्चे स्कूलों से बाहर थे। अब ऐसा कुछ नहीं है। अबकी मैट्रिक की परीक्षा में लड़कों से ज्यादा लड़कियां शामिल हुईं। बहुत काम हुआ है ..., अरे कितना गिनाएं?
स्वास्थ्य : तब, एक प्राथमिक स्वास्थ केंद्र पर एक महीना में सिर्फ 39 मरीज जाते थे। आज यह संख्या 10 हजार है। मुफ्त दवा, ममता, आशा, डॉक्टर-मेडिकल स्टॉफ की नियुक्ति जैसे ढेरों काम हुए।
कृषि : क्या था पहले जी? हमने इंद्रधनुषी क्रांति का मुकाम हासिल किया। कृषि आधारित उद्योग को बढ़ावा देने को नीति बनी है। पुआल जलाने पर पाबंदी है।
सिंचाई : तब सिंचिंत क्षेत्र सिर्फ 2.66 लाख हेक्टेयर था। हमने इसमें 4.6 लाख हेक्टेयर का इजाफा किया।
सामाजिक सुधार : हमने न्याय के साथ विकास किया। सबके लिए काम किया। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। घर बनाने के जमीन तक खरीदने के पैसे दिए।
आरक्षण : उच्च व कनीय न्यायिक सेवा तक में आरक्षण दिया। नौकरियों में महिलाओं को 35 आरक्षण दिया।
भागलपुर दंगा : हमने बंद किए गए मामले दोबारा खुलवाए। कार्रवाई कराई।
सात निश्चय : तब गांवों, युवकों के बारे में कोई सोचता भी था क्या? हमने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कौशल विकास, हर घर नल का जल, हर घर बिजली, पक्की गली-नाली, हर घर शौचालय जैसी बुनियादी जरूरतों को उपलब्ध कराया।
- जब तक हूं शराबबंदी रहेगी। बहुत लोग नाराज हैं। चिंता नहीं।
- आगे, हर खेत को पानी देंगे। गांव की सड़कों को और बहुत बेहतर करने की योजना है।
- हम जो कहते हैं वह सिर्फ घोषणा नहीं; उसे पूरा करते हैं।
- भूलिए मत। याद रखिए, पिछला 15 साल। अरे, हमने बिहार को कहां से कहां पहुंचा दिया? कितना भी कर देंगे मगर कुछ को मुझसे नफरत है। उनको परेशानी है। परवाह नहीं।
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