(राकेश कुमार सिंह ) विधानसभा चुनाव में भोजपुर जिले की सात क्षेत्र में पांच पर जनता दल यूनाइटेड की नजर है। जदयू इन पांच विधानसभा क्षेत्रों को चुनाव के लिए मुफीद मान रहा है। लेकिन, इसमें भी तीन विधानसभा क्षेत्रों में जदयू की बड़ी दावेदारी है। इसके लिए पांच विधानसभा में तीन सीट के फार्मूला का दांव अपनाया गया है।
अगर यह फॉर्मूला कामयाब हो गया, तो जदयू के इकलौते विधायक सहित कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कुछ नेताओं का सपना साकार व टूट सकता है। हालांकि, एनडीए के साथ सीट बंटवारा का अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही होगा। पार्टी के सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार एनडीए के साथ सीट बंटवारा के लिए जदयू के तरफ भोजपुर जिले में तीन विधानसभा क्षेत्र की मांग रखी गयी है। इनमें जगदीशपुर, अगिआंव सुरक्षित, संदेश, आरा और बड़हरा शामिल है। इसमें अगिआंव सुरक्षित क्षेत्र से जदयू के वर्तमान विधायक प्रभुनाथ प्रसाद हैं।
बाकी चार क्षेत्र पर राजद के विधायक काबिज हैं। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में राजद- जदयू- कांग्रेस महागठबंधन के कारण इन पांच क्षेत्र सहित शाहपुर में भी राजद प्रत्याशी की जीत हुई थी। तब महागठबंधन में समझौता के आधार पर जदयू को जिले में सिर्फ अगिआंव सीट मिली थी। अब राजनीतिक समीकरण बदल गया है और ऐसे में जदयू अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
जदयू आरा या बड़हरा में से किसी एक सीट पर अपनी दावेदारी जता रही है
वर्ष 2010 के चुनाव में जदयू बड़हरा में जीता था। वर्ष 2015 के चुनाव में महागठबंधन के साथ तालमेल के कारण राजद यहां से चुनाव लड़ा। एनडीए से भाजपा दूसरे स्थान पर रही। यहां से जदयू की पूर्व सांसद मीना सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा है। विश्वनाथ सिंह काफी दिन से क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं। इस बीच राजद छोड़कर जदयू में शामिल रणविजय कुमार सिंह प्रत्याशी की दौड़ में शामिल हैं। आरा सीट पर भी कई प्रत्याशी दौर में हैं।
जगदीशपुर तय ! बाकी पर मंथन जारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार सीट बंटवारा के तहत जगदीशपुर क्षेत्र को जदयू कोटे में होना प्रायः तय माना जा रहा है। लेकिन अगिआंव सुरक्षित, संदेश, आरा और बड़हरा पर पेंच फंसा हुआ है। इन क्षेत्रों पर दावेदारी को लेकर जदयू के अपने तर्क हैं। इन इन चार क्षेत्रों में जदयू दो की मांग कर रही है। इनमें संदेश या अगिआंव और आरा या बड़हरा का फार्मूला है। संदेश में राजद के पूर्व विधायक विजेंद्र यादव के जदयू में शामिल हो चुके हैं। इससे जदयू संदेश में अपनी जीत पक्की मान रहा है। इसलिए संदेश या अगिआंव में किसी एक क्षेत्र के लिए दावेदारी कर रहा है। हालांकि सीटों पर स्थिति साफ होने में अभी थोड़ा समय है। भाजपा से केन्द्रीय स्तर पर बातचीत के बाद सीट शेयरिंग के फाॅर्मूले पर सहमति बनने के बाद ही भोजपुर में सीटों का गणित क्लियर हो होगा। तभी पता चल सकेगा जदयू अपनी रणनीति में कहां तक सफल होता है।
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