दीघा-आशियाना राेड से पकड़े गए चार शराब तस्कराें ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्हाेंने पूछताछ में पुलिस काे बताया कि साेनपुर में गंगा किनारे नकली शराब बनाकर इसे अंग्रेजी शराब की बाेतलाें में पैक कर पटना और आसपास के इलाकाें में सप्लाई करते हैं। नकली शराब बनाने के लिए इनके पास कारीगर व मशीनें भी हैं।
गिरफ्तार तस्कराें पिंटू सिंह, कुंदन कुमार, शिवनंदन और पप्पू काे पूछताछ के बाद रविवार काे जेल भेज दिया। इनके पास से करीब 3 लाख रुपए बरामद किए गए थे। दरअसल 31 अगस्त काे इन चाराें ने पटना में शराब की बड़ी खेप की डिलिवरी की थी। उसी का पैसा वसूलने हुंडई कार से आए थे। दीघा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दाैरान इन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
जब्त डायरी में 20 माफियाओं के नाम, 10 लाख का हिसाब
उनके पास से डायरी बरामद की गई है। इसमें शराब के ब्रांडाें के अलावा करीब 20 शराब माफियाओं पप्पू, राजू, विकास, विनय, शैलेश, शैलेंद्र, विजय, ब्राज, मनीष, मुकेश, संदीप, शशि, राधे, पिंटू आदि के नाम हैं। पुलिस के अनुसार, राजू, मुकेश व पप्पू पटना के ही रहने वाले हैं। अन्य आसपास और छपरा व साेनपुर के हैं। डायरी के पन्नाें में 10 लाख की शराब की डिलिवेरी का हिसाब है पर किसी का पता नहीं हैं। एडवांस के रूप में जिन्हाेंने इन तस्कराें काे रकम दी थी, वह भी लिखा है। एक पेटी शराब का दाम 6300 से 6500 रुपए लिखा है।
माफियाओं ने बंद किया माेबाइल
जैसे ही इन चाराें के गिरफ्तार हाेने की सूचना शराब माफियाओं काे मिली, वैसे ही इन लाेगाें ने गिरफ्तारी की डर से माेबाइल बंद कर लिया। पटना के रहने वाले राजू, मुकेश व अन्य के ठिकानाें पर पुलिस ने छापेमारी की लेकिन सब फरार हैं। दीघा थानेदार मनाेज सिंह ने बताया कि पूछताछ में इन तस्कराें ने बताया कि सब नकली शराब है। जांच के लिए पुलिस साेनपुर भी जाएगी।
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