पिपरिया में अलग-अलग प्रदेशों से सब्जियां मंडी में अा रही हैं। पिपरिया में इस समय केवल प्याज ही है जिसका निर्यात उत्तर प्रदेश किया जा रहा है। बाहर के प्रदेश से पिपरिया तक सब्जी लाने में ढुलाई भाड़ा अधिक लगने के कारण सब्जियों के दाम बढ़े हैं।
स्थानीय सब्जी विक्रेता गुड्डू बामोरिया ने बताया हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। स्थानीय स्तर पर सब्जी की पैदावार नहीं होने के कारण सब्जियां बाहर से आ रही हैं। उन्होंने बताया इस समय महाराष्ट्र के बुलढाना से हरी मिर्च, बैंगलोर और महाराष्ट्र के लातूर से टमाटर आ रहा है। वहीं करेला महाराष्ट्र के जलगांव से आ रहा है। छिंदवाड़ा से अदरक, मूंगफली, और मक्के के भुट्टे आ रहे हैं। वर्तमान में पत्ता गोभी बैतूल से आ रहा है वहीं आलू की सप्लाई उत्तर प्रदेश के आगरा और इटावा से हो रही है। बामोंरिया ने बताया की स्थानीय स्तर पर भी मौसम ठीक रहने पर सब्जियों की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। अजनेरी, तरौनकला, माछा, बनखेड़ी, बरेली क्षेत्र के ग्रामों में अनेक किसान सब्जी का उत्पादन करते हैं। बारिश के दिनों में पूरी पौध खराब हो जाने के कारण उत्पादन नहीं मिलता है। उन्होंने बताया इस समय पिपरिया बनखेड़ी और गाडरवारा इन तीनों क्षेत्रों की प्याज एकत्रित कर उत्तर प्रदेश भेजी जा रही है। वर्तमान में पिपरिया में प्याज का थोक रेट 18 से 20 रुपए किलो चल रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश में 30 रुपए किलो के आसपास चल रहा है। रोजाना लगभग दो ट्रक प्याज उत्तर प्रदेश भेजी जा रही है।



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Vegetables coming from other states in Pipariya, people are worried due to expensive

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