बिहार चुनाव में मैदान में उतरे और सक्रिय नेताओं पर निगाह रखने के लिए मल्टी लेयर इंतजाम किए गए हैं। कई स्तरों पर टीमें बनाई गई हैं जो नेता, उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखेंगी। राज्य से लेकर विधानसभा स्तर तक पर इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। दरअसल चुनाव आयोग को आशंका है कि चुनाव में धन-बल का बेजा इस्तेमाल हो सकता है।
हाल के दिनों में जिस तरह से पैसे पकड़े गए हैं उससे आयोग की आशंका पुष्ट भी होती है। मंगलवार को ही जांच एजेंसियों ने दरभंगा में एक स्कॉर्पियो से एक करोड़ 11 लाख रुपए जब्त किए। इसके पहले पटना में करीब 75 लाख जब्त किए गए थे। यह मल्टी लेयर एजेंसियों के बूते ही संभव हो पा रहा है। चुनाव में काले धन के इस्तेमाल से इनकार भी नहीं किया जा सकता। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों और दूसरे अधिकारियों को कई स्तरों पर तैनात किया गया है।
हर विधानसभा क्षेत्र में वीडियो सर्विलांस टीम बनी: सभी निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर को आयोग ने तैनात किया है। ये आईआरएस अधिकारी हैं। हर क्षेत्र में वीडियो सर्विलांस टीम बनाई गई है। इसमें एक अधिकारी व एक वीडियोग्राफर को शामिल किया गया है। वीडियो व्यूइंग टीम बनी है। यह सोशल मीडिया या चैनलों पर प्रत्याशी के पक्ष में या विरोध में हो रहे प्रचार पर नजर रखेगी।
फ्लाइंग स्क्वायड में पुलिस के साथ वीडियोग्राफर भी : फ्लाइंग स्क्वायड और स्टेटिक सर्विलांस टीम भी बनाई गई है। फ्लाइंग स्क्वायड में एक सीनियर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और एक वरीय पुलिस अधिकारी के अलावा वीडियोग्राफर और 3-4 पुलिस पर्सनल शामिल हैं। स्टेटिक सर्विलांस टीम में एक मजिस्ट्रेट के अलावा तीन-चार पुलिसकर्मी होंगे। आयोग ने दो स्पेशल एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर की भी तैनाती की है, जो पूरे राज्य में नजर रखने के साथ ही मिल रही शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
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