कोई व्यस्त है, कोई मस्त है, तो कोई लाइन में खड़े-खड़े पस्त है...। बीच-बीच में उद्घोषणा-चुनाव एक टीम वर्क है...हेल्प कीजिए...। पैट्रोलिंग मजिस्ट्रेट, पीठासीन पदाधिकारियों का कागज-पत्तर तैयार करवाने में मदद करें। देखिए इधर-उधर मत टहलिए....। पहले चरण का चुनाव तो पूरा हो गया। वोटर और नेता अपने-अपने घर चले गए, लेकिन एएन कॉलेज में बुधवार को रतजगा रहा।
देर रात हैलोजन की रोशनी में नहाया कॉलेज का मैदान और अंतहीन कतार में खड़े मतदान कर्मी। दरअसल एएन कॉलेज में स्ट्रांग रूम बनाया गया है। पटना जिले के निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग के बाद ईवीएम को यहीं जमा कराया जाना है। बुधवार को पहले चरण में मोकामा, बाढ़, मसौढ़ी, पालीगंज और बिक्रम में वोटिंंग थी। वोटिंग खत्म हुई तो मतदानकर्मियों के कांधे पर ईवीएम जमा कराने की नई जिम्मेवारी आन पड़ी।
देर शाम से ही बोरिंग रोड में गाड़ियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। और यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। रोशनी से नहा रहे एएन कॉलेज में हर विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे। हाथों में ईवीएम उठाए मतदानकर्मी और सुरक्षा बल के जवान अपने-अपने काउंटर तलाशते रहे। कोई पहले पहुंचा तो वह कतार में अपनी बारी का इंतजार करता रहा। कोई बाद में पहुंचा तो कतार में खड़े होने के पहले सुस्ताता रहा।
सबके चेहरे पर दिख रही थी दो दिनों की थकान
दो दिनों की थकान मतदानकर्मियों के चेहरे पर साफ दिख रही थी। जो थक गया वह कॉलेज परिसर में बिछी दरी पर ही पसर जाता। जिसके अंदर जद्दोजहद की ताकत बची थी वह कतार में जूझता रहा। बीच-बीच में कतार में घुसपैठ को लेकर नोंक-झोंक भी होती। कुछ मतदानकर्मी इसमें भी मस्ती ढूंढ़ लेते।
कोई हो गया...हो गया कहता तो कोई सिटी बजाकर आनंद भी लेता रहा। कुछ लोग भूंजा, चूरा लेकर आए थे। हालांकि भोजन का भी काउंटर बना था। कुछ लोग जिन्हें इस बात का अहसास हो चला था कि उनकी बारी देर से आने वाली है वे इत्मीनान से खाते-पीते पसर भी जा रहे थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Post a Comment