राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में अभी तक सुचारू रूप से नल-जल योजना में हर घर पानी की व्यवस्था अनुपयोगी साबित हो रहा है।
इसे पीएचडी की उदासीनता कहें या सरकार की कुव्यवस्था। अभी भी कई पंचायतों के कई वार्ड में मुश्किल से सिर्फ बोरिंग का कार्य ही हो पाया है। वर्षों बीत गए बोरिंग कार्य संपन्न हुए मगर बांकी के बचे कार्य में विभाग गति लाने के बाद सुस्ती बनी हुई है। धरातल पर नल-जल योजना का कार्य कछुए की चाल से चल रहा है।
धरातल पर कार्य की रफ्तार देखकर लगता है कि सरकार के मंसूबे पर विभाग पानी फेरने को तैयार है। वर्ष 2020 के मई-जून तक कार्य पूर्ण करने की अवधि दी गई थी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Post a Comment