रिश्ते नाते के मोर्चे पर भी महागठबंधन को बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी। राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद, पूर्व सांसद कांति सिंह के पुत्र और सजायाफ्ता राजवल्लभ यादव की पत्नी के अलावा अधिकांश चुनाव हार गए। पूर्व सांसद जयप्रकाश यादव के भाई जमुई से तो बेटी तारापुर से पराजित हो गईं।
परिवारवाद का ही सबसे बड़ा आरोप महागठबंधन के नेताओं पर लगता रहा। निशाना भले ही तेजस्वी और तेजप्रताप हों (लालू-राबड़ी के बेटे, दोनो चुनाव जीत गए) लेकिन वजह सभी बड़े नेता थे। परिवारवाद में सभी पार्टियां आगे रहीं...कांग्रेस हो, लोजपा, हम या भाजपा हो।

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