वीकेएसयू : एनएसएस की 50वीं वर्षगांठ पर आज होगा समारोह
विश्वविद्यालय व कॉलेजों में एनएसएस का महत्व
विश्वविद्यालय व कॉलेजों में एनएसएस की शाखाएं क्यों खोली जाती है? इस बारे में एनएसएस के पदाधिकारी प्रोफेसर राजीव कुमार ने बताया कि वर्ष दिल्ली में वर्ष 1969 में उच्चतर शिक्षा की गुणवता को निखारने के लिये शिक्षाविदों की बैठक हुई थी। उसमें इस बात पर फोक्स किया गया कि कैसे हम अपने देश के युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक व समाजिक कार्यों से जोड़ सकते हंै। भारत सरकार के युवा खेल मंत्रालय सहित अन्य लोगों की सहमति से एनएसएस की नींव रखी गयी। तब से लेकर आज तक देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में एनएसएस अपनी सेवा दे रहा है।
आज से दो अक्टूबर तक होगा रक्तदान
एनएसएस के स्वर्ण जयंती पर विश्वविद्यालय कैम्पस में रक्तदान शिविर लगाया जाएंगा। रक्तदान शिविर 27 से 2 अक्टूबर तक होगा। इसमें स्वयंसेवक अथवा अन्य व्यक्ति जो रक्त दान करना चाहते है। रक्तदान कर सकते है। रक्तदान महादान है।
सामाजिक कार्यों में हमेशा रही है स्वयंसेवकों की भागीदारी
बाढ़ पीड़ितों के लिये राहत सामग्री पहुंचानी हो, रक्तदान करना हो, एचआईवी एड्स से बचाव के लिये समय-समय प्रचार प्रसार करना या अन्य कार्यों में एनएसएस स्वयंसेवकों की भागादारी बढ़-चढ़कर रही है। जल संरक्षण के मुहिम के लिये स्वयंसेवक टोली बनाकर गांव-गांव का भ्रमण कर जागरुकता अभियान चलाते रहे हंै। मुहल्लों में भी साफ-सफाई के प्रति अभियान चलाया जाता है।
कॉलेजों में मार्क्सशीट नहीं आने पर विद्यार्थियोंे ने विश्वविद्यालय के न्यू कैम्पस में किया हंगामा
आरा| स्नातक पार्ट-थ्री सत्र 2016-19 का मार्क्सशीट कॉलेजों में नहीं पहुंचाने पर विद्यार्थियों ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के न्यू कैम्पस में हंगामा मचाया। परीक्षा विभाग का चाइनल गेट बंद होने की वजह से विद्यार्थी अपना आक्रोश चैनल गेट पर ही निकाल रहे थे। विद्यार्थियों के द्वारा बार-बार चैनल गेट को झंझोरा जा रहा था। स्थिति को नजाकत को देखते हुये परीक्षा विभाग के अधिकारियों ने उदवंतनगर थाना को सूचना दिया। जिसके बाद मामला शांत हुआ। परीक्षा नियंत्रक डॉ लतिका वर्मा ने कहा कि सारे रिजल्ट को वेबसाइट के पोर्टल पर डाल दिया गया है। विद्यार्थियों ने बताया कि दारोगा की बहाली के लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर है। मार्क्सशीट नहीं होने की वजह से हमलोग फार्म भरने से वंचित हो रहे हंै। कॉलेज प्रबंधन से मार्क्सशीट की मांग किये जाने पर उन लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि अभी मार्क्सशीट विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से नहीं आया है। विश्वविद्यालय से मार्क्सशीट आने के बाद आप लोगों मार्क्सशीट दे दिया जाएगा। यदि मार्क्सशीट की ज्यादा बैचेनी है, तो आप लोग विश्वविद्यालय ही चले जाएं। विश्वविद्यालय के ढुलमुल रवैये के कारण हमारा भविष्य दांव पर लगा हुआ है। दारोगा बहाली के लिये आवेदन करने की तिथि मात्र दो दिन ही शेष बच गयी है। इन दो दिनों में भी मार्क्सशीट यदि हमें नहीं मिलेगा, तो बहाली के लिये रिजल्ट पब्लिश की तिथि व सिरियल नंबर हमलोग अंकित नहीं कर पाएंगे।
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