कई दिनों से शाहपुर, आरा, बड़हरा प्रखंड के 56 पंचायत बाढ़ग्रस्त हैं। इसमें बिहिया प्रखंड के भी कुछ गांव शामिल है। कई दिनों से अधिकांश बाढ़ग्रस्त गांवों का अपने प्रखंड और जिला मुख्यालय आरा से संपर्क भंग है। सड़कों और संपर्क पथों पर कई-कई फीट पानी बहने से यातायात बंद है। मुश्किल से कहीं जाना-आना हो रहा है। इधर, बारिश से उनकी आफत बढ़ गई है। हाल यह कि पीड़ितों की जिंदगानी कैद सी हो गई है। दिनचर्या थम गई है। बाढ़ग्रस्त गांवों में राशन, सब्जी, हरी सब्जियों का घोर अभाव हो गया है। फसले पहले ही नष्ट हो चुकी है। बाढ़ के कारण शाहपुर के 40 और 39 यानी 79 गांवों की बिजली अधिकारिक तौर पर काट दी गई है। इधर, कोईलवर और बड़हरा प्रखंड के बीच श्रीपालपुर गांव पास 20 पाेल का तार टूटकर गिरने से सेमरिया-पड़रिया पावर सब-स्टेशन से करीब 40 गांवों की बिजली सप्लाई तीन दिन से बंद है। मोबाइल नेटवर्क का भी बुरा हाल है। केंद्रीय सरकार का बीएसएनएल भी बाढ़ के वक्त दगा दे रहा है। बड़हरा टेलीफोन एक्सचेंज का टावर कई महीने से काम नहीं कर रहा है। इसके बावजूद इसका कोई माई-बाप नहीं है। न बीएसएनएल न जिला प्रशासन का ध्यान है। बिजली न होने से मोबाईल चार्ज नहीं हो रहा और किसी प्रकार नाव से दूसरे गांव में कराने पर नेटवर्क काम नहीं करता है। इससे कैद सी जिंदगी बसर कर रहे बाढ़ प्रभावितों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। पीड़ितों का कहना है कि बाढ़ में डूबने से मौत के के मामले में जिला प्रशासन इसे प्राकृतिक आपदा की घटना मान रहा है। इसके बावजूद प्राकृतिक अापदा बाढ़ से घिरे से पीड़ितों के प्रति दोहरा मापदंड अपना रहा है। लगातार वर्षा के बाद भी अधिकांश पीड़ितों को तिरपाल नहीं बांटा गया है। अन्य सरकारी सुविधा का भी बुरा हाल है। क्या जब कई गांव बाढ़ में बह जाएंगे, कई मौतें होंगी, तब सरकार व प्रशासन क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करेगा।

करमन टाेला में सड़क पर हुए जलजमाव के बीच से हाेकर जाते बाइक सवार।

खवासपुर और बबुरा में कई घर ध्वस्त, मलबे में दबने से बछड़ा मरा

खवासपुर पंचायत के रामफल टोला गांव में चार लोगों का घर बाढ़ व बारिश से गिर गया है। जिसमें सुदर्शन साह, सुखदेव यादव, बऊ साह, इंद्रजीत यादव के ईट मिट्टी के दिवाल, कर्कट और फूस के पलानी का छत गिर गया। पश्चिमी बबुरा गांव के शिवनचक गांव में विजयेंद्र राय के ईट के दिवाल व कर्कट का छत बारिश में गिर गया। जिसमें एक गाय चायल हो गयी, गाय का बछड़े की मौत हो गयी। ईट का दिवाल शंभूशरण राय का भरभरा कर तेज बारिश में गिर गया।



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