
विशाल की हत्या के मामले में वार्ड नंबर 31 के पार्षद हिमांशु सिन्हा उर्फ मोनू लाल अभी तक फरार है। पुलिस के हाथ नाकामी हाथ लग रही है। 19 वर्षीय युवक विशाल की हत्या के 41 दिन बीत गए हैं।फिर भी पुलिस की पकड़ में वार्ड पार्षद नहीं आ रहे हैं। टाउन थाना की पुलिस ने आरा, पटना, बिहटा सहित कई स्थानों पर छापेमारी की।लेकिन, वार्ड पार्षद अभी भी पुलिस के लिए पहेली बने हुए हैं। इधर मृतक विशाल के पिता अपने बेटे के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। बताते चलें कि टाउन थाना क्षेत्र के भलूहीपुर मोहल्ले में बीते माह 24 सितंबर को छठीहार में शामिल होने गए गौसगंज निवासी विशाल का झगडा एक दरवाजे पर बैठने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। इसके बाद झगड़ा इतना बढ़ गया कि मारपीट हो गयी। तभी पीछे से अंधेरे में पिस्टल निकालकर अंधाधुंध आधा दर्जन गोलियां चलाई गई। एक गोली विशाल कुमार के पीठ के आर-पार हो गई। जिसके कारण विशाल की मौत हो गई ।जबकि, उसके दोस्त मुकेश को पेट में गोली लग गई। सेक्स रैकेट कांड में संदेश के आरजेडी विधायक अरुण यादव भी फरार चल रहे हैं। अरुण यादव के गायब हुए ढाई माह से ज्यादा समय हो गया।वह भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ रहे हैं। जबकि, एसआईटी टीम भी गठित की गई थी। फरार संदेश विधायक की गिरफ्तारी नहीं होने से कोर्ट के आईओ चंद्रशेखर गुप्ता को कोर्ट ने काफी खरी-खोटी सुनाई थी। कि कैसे जमानत के कागजात पर हस्ताक्षर विधायक के हो गए थे और पुलिस के हाथ वह नहीं लग रहे हंै।
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