
बुधवार को कोईलवर प्रखण्ड के महकमपुर में बीमार लंगूर को स्थानीय लोगों ने पेड़ से उतार उसे इलाज के लिए पशु अस्पताल ले गए। इलाज कराने के बाद वापस गांव में लाकर छोड़ दिया गया। पशु प्रेम दिखाकर गांव वालों ने दूसरों के लिए मिसाल पेश की है। बुधवार को कोईलवर थाना क्षेत्र के महकमपुर में ग्रामीणों ने आम के एक पेड़ पर पड़े बीमार लंगूर को देखा, जो बीमार हो बेहोश हो गया था। उसके बाद ग्रामीण आनंद सिंह, विनोद भगत, प्रभात कुमार, गणेश कुमार, हरेश भगत, अजय कुमार, राजकिशोर सिंह, प्रिंस कुमार समेत अन्य युवक किसी तरह से लंगूर को पेड़ से नीचे उतारा, वह बेसुध था। जिसे इलाज के लिए एम्बुलेंस से पशु अस्पताल ले गए। जहाँ उसका इलाज कराया गया। पशु चिकित्सक ने बताया कि बिजली के करंट लगने से लंगूर बेहोश हो गया होगा। और 24 घण्टे से ज्यादा पेड़ पर बेहोश होने के कारण कमजोर हो गया था। जिसे ठंड भी लग गयी थी। जिसके इलाज के उपरांत ग्रामीण पुनः एम्बुलेंस से वापस गांव लेते आये। हालांकि, लंगूर के इलाज के बाद पशु चिकित्सक ने बेहोशी का इंजेक्शन लगाया था। जिससे रास्ते मे किसी को कोई नुकसान नही पहुँचाये। साथ ही चिकित्सक ने ग्रामीणों से कहा कि जब लंगूर को होश आ जाए तो फल खिला उसे खुले मैदान में छोड़ देंगे। जिससे वह वापस अपने झुंड में सम्मिलित हो जाएगा। ग्रामीण लंगूर को गांव ले आये जहाँ उसे जंगल मे छोड़ दिये है। इधर गांव में लंगूर को वापस लाने पर गांव में धर्म से जुड़े लोगों ने खुशी जताई।
एम्बुलेंस से लंगूर को इलाज के लिए ले जाते लोग।
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