
गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को अब अनिवार्य रूप से चूल्हे व सिलेन्डर की जांच करानी होगी। ऐसा नहीं कराया गया तो एजेंसी उपभोक्ताओं को सिलेन्डर की डिलिवरी पर रोक लगा देगी। दरअसल एलपीजी के गैस ग्राहकों को अपने उपकरण की जांच दो साल में एक बार करना अनिवार्य किया गया है। बताया गया है कि चूल्हे और सिलेंडर और रेगुलेटर की जांच नहीं कराने पर एजेंसी सिलेंडर की सप्लाई रोक देगी। इसके अलावा सिलेंडर देने से भी इनकार कर सकती है। इस बारे में नागा बाबा गैस एजेंसी की तरफ से एक टीम सभी घरों में जाकर उपभोक्ताओं के उपकरणों की जांच कर रही है। बताया गया कि सुधा जोशी कमेटी की अनुशंसा के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय में इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं कि अगर दो वर्ष में एक बार अपने गैस उपकरणों की जांच नहीं करवाते हैं तो गैस कंपनी उसकी सप्लाई पर ब्रेक लगा सकती है। इस आदेश को सभी एजेंसी को अवगत कराया जा चुका है। गैस उपकरणों की जांच के लिए उपभोक्ता को 177 रुपए शुल्क अदा करना होगा। सुरक्षा बीमा नवीनीकरण के लिए अनिवार्य होगी। इसका रसीद भी मिलेगा। उपकरण सम्बंधी हादसे के क्लेम के लिए भी निरीक्षण अनिवार्य है।
गैस सिलेंडर चुल्हा का रिपेयरिंग करता कर्मी।
नियुक्त कर्मचारी कर रहे जांच
बताया गया है की संबन्धित एजेंसी से जुड़े शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के 40 हजार उपभोक्ताओं के घरों में गैस चूल्हा, रेगुलेटर, पाईप की जांच होगी। जिसमें अब तक दो हजार से अधिक उपभोगताओं के घरों में जांच की जा चुकी हैं। कंपनी की ओर से नियुक्त कर्मचारी उपभोक्ता के घर जाकर इस बात की जांच करेंगे। गैस चूल्हा उपयुक्त स्थान पर रखा गया है या नहीं। प्रेशर रेगुलेटर कैसे लगाया गया है। इसकी स्थिति क्या है? रबड़ ट्यूब आईएसआई प्रमाणित है या नहीं? पाईप पुरानी नहीं होनी चाहिए और चूल्हे की ऊंचाई किस प्रकार है। जिसकी जांच की जा रही है। कंपनी बीमा सुरक्षा पब्लिक लैबलिटी पॉलिसी के अंतर्गत व्यक्तिगत दुर्घटना कवरेज कम्पनी के माध्यम से होगी।
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