
घाेघा थाना क्षेत्र के अाेलपुरा में पुलिस पर पथराव, जान लेवा हमले, गाली गलाैज समेत अन्य अाराेपाें के तहत दर्ज चार साल पुराने मुकदमे के दस अाराेपियाें काे एडीजे अाठ महेश प्रसाद सिंह की अदालत ने साेमवार काे सबूत के अभाव में बरी कर दिया। एक ही मुकदमे के दाे केस रिकार्ड में दस अाराेपियाें काे बरी किया है। बरी किए गए आरोपियों में अाेलपुरा के अरुण मंडल, दिनेश मंडल, बटेश्वर मंडल, रामचंद्र मंडल, कैलाश मंडल, पावाे देवी, बेबी देवी, रंजू देवी, पिंकी देवी व बाबूलाल मंडल काे का नाम शामिल है। इस मुकदमे की प्राथमिकी चार मार्च 2015 काे कहलगांव के तत्कालीन बीडीअाे सत्यनारायण पंडित ने 27 लाेगाें पर नामजद व 100 अज्ञात पर दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में कहा था कि घाेघा बाजार के माे. गुफरान की जमीन पर कुछ ग्रामीणाें के द्वारा सरस्वती पूजा की प्रतिमा स्थापित कर मंदिर निर्माण की सूचना थानेदार ने उन्हें दी थी। जिसके बाद माैके पर पहुंचने पर उन्हाेंने जब जमीन के कागजात की मांग की ताे लाेग उग्र हाे गए अाैर गाली गलाैज करते हुए पुलिस जवानाें पर हमला करते हुए पथराव कर दिया। इतना ही नहीं इस में कई जवान जख्मी हाे गए थे।
चाैकीदार के कहने पर अाराेपियाें का नाम मुकदमे में दिया गया था। लेकिन गवाही के दाैरान बीडीअाे रिटार्यड हाे चुके थे। उन्हाेंने अाराेपियाें की काेर्ट में पहचान नहीं की। कहा कि चाैकीदार के कहने पर केस में अाराेपियाें का नाम दिया था। मुकदमे में जख्म प्रतिवेदन भी नहीं था। गवाहाें के मुकरने से काेर्ट ने सबूत के अभाव में दस अाराेपियाें काे बरी कर दिया।
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