न्यायालय के सत्र वाद संख्या 117/2019 में हत्याकांड के अप्राथमिकी अभियुक्त सिमराहा के माे. मुर्शिद पिता निजाम, फारबिसगंज रामपुर के इरशाद पिता मुस्तकीम और रानीगंज डुमरिया गांव के अलानुर पिता निजामुद्दीन को अभियंता राम विलास महतो की हत्या का दोषी पाया गया। उम्र कैद के साथ तीनों दोषियों को 50 हजार का जुर्माना भरना होगा। जुर्माना नहीं देने पर तीनों को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में एसपी धूरत शायली भी उपस्थित थी।
बताया जाता है कि 17 जून 2018 को रात के करीब साढे नौ बजे नरपतगंज प्रखंड के कार्यक्षेत्र से अररिया आवास लौट रहे जेई रामविलास महतो की हड़ियाबाड़ा साहेबा बारी के निकट अपराधियों ने दो गोली मार कर हत्या कर दी थी। घटना को लेकर मृतक की प|ी पुष्पा पटेल के बयान पर आरएस थाना कांड संख्या 384/2018 दर्ज है। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक महेश्वर शर्मा ने सरकारी पदाधिकारी की क्रूरता से हत्या के दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने की मांग की। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता लक्ष्मी प्रसाद नायक ने सुधारात्मक सजा सुनाए जाने की मांग की मांग न्यायालय से की। इससे पूर्व ट्रायल के दौरान अपर लोक अभियोजक राजानंद पासवान द्वारा 11 गवाह और संबंधित साक्ष्य न्यायालय में पेश किए गए।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की कोर्ट ने सुनाई सजा
सजा होने के बाद जेई हत्याकांड के दोषी।
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