सरकार द्वारा प्रवासियों के लौटने के छूट मिलने के बाद मांझी प्रखंड के इनायतपुर टोला भिखमही में फंसे बाराती 1 महीना 20 दिन के बाद दुल्हन खुशबू के साथ पश्चिम बंगाल के लिए मंगलवार को बस से रवाना हो गए। इस दौरान बाराती पक्ष समेत दुल्हन के परिजनों के आंखों से विदाई व खुशी के आंसू छलक आये। बारातियों ने लंबी अवधि तक यहां के लोगों व सामाजिक संगठनों की मेहमान नवाजी व सेवा भावना की सराहना की। कहा- बिहार के लोगों के द्वारा की गई मेहमान नवाजी हम कभी नही भूलेंगे। यह बारात भी जीवन भर याद रहेगी।

बता दें कि दाउदपुर थाना क्षेत्र के इनायतपुर टोला भिखमही में 22 मार्च को पश्चिम बंगाल से बारात पहुंची थी। मुस्लिम रीति रिवाज से शादी संपन्न हुई। इसी बीच कोरोना वायरस के तेजी से हो रहे फैलाव रोकने के मद्देनजर केंद्र सरकार ने जनता कर्फ्यू के बाद सम्पूर्ण देश में 23 मार्च को ट्रेन बंद करने व 24 मार्च लॉक डाउन की घोषणा कर दी। जिससे बारातियों सहित दूल्हा व दुल्हन भी बुरी तरह फंस गए। बारातियों ने बीच मे कई बार लौट जाने का प्रयास किया मगर विफल रहे। वे पड़ोस के हीं एक विद्यालय में ठहरे थे।

इधर घर लौटने की छूट मिलने के बाद दूल्हा व दुल्हन पक्ष ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर घर वापसी की गुहार लगाई। उसके बाद मांझी विधायक विजय शंकर दुबे, मन्नान खां, पड़ोसी रहमत अली व साबिर अली के प्रयास से जिला प्रशासन के सारण एडीएम डॉ. गगन के द्वारा अनुमति- पत्र मिलने के बाद दुल्हन समेत कुल 27 बाराती बस द्वारा प. बंगाल के लिए रुकसत हुए। दुल्हन खुशबू के पिता नैमुल्लाह सिद्धिकी ने बड़े सम्मान के साथ बारातियों को विदा किया। उनके चेहरे पर अपने प्रदेश लौटने की खुशी साफ झलक रही थी।



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Barati returned to West Bengal with bride after 1 month and 20 days

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