कक्षा 6 से 12 की तरह ही कक्षा 1 से 5 के लिए भी ई-कन्टेंट विकसित किया जाएगा। विभिन्न कक्षाओं के पाठ्यक्रम की किताबों को डिजिटाइज करके उसे वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को शिक्षा विभाग को इस संबंध में पुख्ता तैयारी कर लेने का आदेश दिया ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र और छात्राएं घर बैठे पढ़ाई कर सकें।
मुख्यमंत्री नेे मंगलवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्र सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज पर वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर विकास, श्रम संसाधन, ऊर्जा और खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग की तैयारियों की समीक्षा की। सीएम ने कहा-कक्षावार तैयार किए गए ई-कन्टेंट को टेलीविजन के माध्यम से दिखाएं। डीडी बिहार के माध्यम से कक्षावार दी जा रही ऑनलाइन शिक्षा के टाइम स्लाॅट को बढ़ाने के लिए डीडी बिहार से समन्वय स्थापित करें। शिक्षा विभाग अपने स्तर से भी छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षा देने के संबंध में कार्रवाई करें।
शहरी क्षेत्र में गरीबों के लिए सस्ते मकान उपलब्ध कराने की कवायद तेज
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में गरीबों के लिए सस्ते मकान बनाने की योजना पर तेजी से काम करने का आदेश दिया है। सीएम ने कहा-अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत सस्ते मकान बनाने के संदर्भ में काफी समय से दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। इस पर नगर विकास विभाग ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। स्ट्रीट वेंडर का सर्वे कराया जाएगा ताकि उन्हें भी सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।
श्रमिकों को हो ओवर टाइम का भुगतान
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने बताया कि उन्नयन बिहार, मेरा मोबाइल-मेरा विद्यालय एप्प के माध्यम से 6 लाख बच्चे अनलाइन शिक्षा का लाभ उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचे हुए योग्य परिवारों का हर हाल में राशन कार्ड बनाया जाए। सभी प्रखण्डों में आधार केन्द्र को खोला जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों द्वारा ओवरटाइम किए गए काम के एवज में अतिरिक्त भुगतान मिले।



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मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में गरीबों के लिए सस्ते मकान बनाने की योजना पर तेजी से काम करने का आदेश दिया है।

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