एआईवाईएफ के राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को लखीसराय में भी श्रम कानून में संशोधन और श्रम कानून को तीन वर्षों के लिए निलंबन करने के खिलाफ काला दिवस मनाया गया। शहर में भी करोना के दो नए मामले मिलने के बाद एआईवाईएफ के नौजवान अपने-अपने घर में काली पट्टी बांधकर धरने पर बैठे।
एआईवाईएफ के राज्य सचिव रौशन सिन्हा ने कहा कि श्रम कानून में संशोधन कर काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 किया जा रहा है। यूपी और मध्यप्रदेश में 38 श्रम कानूनों को तीन साल के लिए स्थगित किया गया है। संशोधन और कानून स्थगन के बाद मजदूरों के हक और अधिकार खतरे में है।
मजदूरों में 80 प्रतिशत 40 वर्ष से कम उम्र के नौजवान हैं। यह संशोधन मजदूर विरोधी है। इस विपत्ति की घड़ी में जब मजदूरों को अलग से राहत पैकेज दिया जाना चाहिए, उस समय उनके लिए बने कानून को खत्म करने की कवायद चल रही है। वार्ड 33 में जिला अध्यक्ष रंजीत पासवान के घर के पास भी धरना दिया गया। रंजीत ने कहा कि जब तक काम के घंटे को 12 से 8 घंटे नहीं किया जाएगा, जब तक यूपी, मध्य प्रदेश समेत राज्य के अन्य हिस्सों में 38 कानूनों को स्थगित करने का फैसला को वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा। धरने में सूर्य नारायण ठाकुर, गोविंद कुमार, राजेश कुमार, विनोद कुमार, संतोष आर्य, सोनम कुमारी समेत अन्य नौजवान भी काला दिवस अपने अपने घर में मनाएं।
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