लॉकडाउन में जमीन की खरीद-बिक्री के लिए सरकार ने कुछ शर्तों के तहत निबंधन कार्यालय को खोलने के बाद भी राजस्व वसूली में कोई फायदा नहीं दिख रहा। जिस निबंधन कार्यालय में औसतन प्रतिदिन 70 जमीन का निबंधन हो रहा रहा था।
वहीं अभी तक 20 अप्रैल के बाद से अभी तक महज 87 जमीनों को निबंधन ही हुआ है। कम निबंधन होने के कारण से राजस्व वसूली में 90 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट हुई है। लोगों के नहीं पहुंचने के कारण से निबंधन कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहता है।
जिला अवर निबंधन पदाधिकारी जयकुमार बताते हैं कि सरकार ने आम लोगों की सुविधा के लिए सुबह 7 बजे से 5 बजे तक निबंधन कार्यालय खोल रही है ताकि पक्षकारों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।लेकिन लॉक डाउन के कारण से अभी तक निबंधन कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पाया है।उन्होंने बताया कि इस साल अभी तक राजस्व वसूली महज 2 से 3 प्रतिशत हुई है ।
ई-चलान के माध्यम से हो रहा है राजस्व जमा : जिला अवर निबंधन पदाधिकारी जय कुमार ने बताया कि जिले में 21 मार्च से ही निबंधन का कार्य बंद था। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सरकार के जारी निर्देश के अनुसार 20 अप्रैल से सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए सभी निबंधन कार्यालय को खोला गया था।जमीन के निबंधन के लिए केवल ई-स्टांप और ई-चलान स्वीकार किया जा रहा है।
निर्धारित अप्वाइंटमेंट के बाद ही निबंधन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोगों की सुविधा को देखते हुए कार्यालय सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। लॉक डाउन मे 20 अप्रैल के बाद से अभी तक महज 87 दस्तावेजों का ही निबंधन हुआ है।
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