इस महीने में शुरू हुआ राशन महावितरण योजना में बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक-दो और तीन सदस्य वाले 77 हजार 487 राशनकार्डधारियों को तीन महीने का अतिरिक्त चावल नहीं जारी किया जा रहा। जबकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि गरीब परिवार के प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त खाद्यान्न जारी किया जाए। बावजूद इसके पिछले तीन महीने का करीब 15 किलो चावल प्रति व्यक्ति के हिसाब से जारी नहीं हुआ। खास बात यह है कि इसमें 7200 ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके पास अंत्योदय कार्ड है। जब ये हितग्राही राशन लेने जाते हैं तो दुकानों के टेबलेट में उनके हिस्से का चावल आवंटन ही नहीं होने की जानकारी दे रहा। केंद्र और राज्य सरकार के बीच यह मामला उलझ गया है।सरकार ने लॉक डाउन पीरियड में बीपीएल परिवारों को तीन महीने का अतिरिक्त राशन देने की घोषणा की है। एक मई से राशन महावितरण योजना शुरू की गई है। तब से हितग्राही सहकारी राशन दुकानों में जा रहे हैं। जिले में दुर्ग पाटन और ब्लॉक ग्रामीण और 9 नगरीय निकायों में 2 लाख 21 हजार 394 बीपीएल हितग्राही हैं।
दुकानों में कहां से कितना आवंटन
खाद्यान्न आवंटन मात्रा दुकानों तक पहुंचा
चावल 136149.62 101652.01
शक्कर 2888.66 2565.39
नमक 2888.66 2525.41
लॉकडाउन के कारण 300% बढ़ी मांग : आपूर्ति नहीं होने की मुख्य वजह से मांग में 300 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। सामान्य दिनों में जहां शुरू के 15 दिनों में 40 प्रतिशत तक खाद्यान्न वितरण होता रहा है।
इन तीन केस में समझिए प्रशासन की लापरवाही
केस एक: 45 किलो चावल नहीं दिया गया
मरोदा भिलाई निवासी कुमारी बाई के परिवार में तीन सदस्य हैं। जब वह दुकान में राशन लेने गई तो उसे अतिरिक्त चावल नहीं मिला। तीन महीने का प्रति सदस्य अतिरिक्त चावल के हिसाब से 15 किलो और चावल मिलना चाहिए था। कुल 45 किलो अतिरिक्त चावल इस परिवार को नहीं दिया। आवंटन का हवाला देकर लौटाया।
केस 2: सिर्फ जून महीने का राशन देकर लौटाया
रूआबांधा सेक्टर भिलाई निवासी सिरकाबाई के पास एक सदस्य वाला राशनकार्ड है। दुकान में राशन लेने गई तो उसे केवल जून महीने का राशन मिला। एक सदस्य के हिसाब से तीन महीने का 15 किलो चावल अतिरिक्त नहीं दिए। चावल आबंटन केवल जून महीने का ही मिल सका। पूछने पर संचालक ने सही जानकारी भी नहीं दी।
केस 3: नहीं दे रहे हैं दुकान में सही जानकारी
गयानगर दुर्ग निवासी शांति बाई के परिवार में दो सदस्य हैं। दुकान में राशन लेने गई तो टेबलेट में उनके नाम से सामने से अतिरिक्त रूप से मिलने वाला चावल का आबंटन ही दर्ज नहीं था। इस महिला को प्रति सदस्य पांच किलो चावल के हिसाब से 30 किलो चावल और देते। लेकिन उसे नहीं मिला। सही जानकारी भी नहीं दी गई।
केंद्र को भेजी सूची से ज्यादा हैं अंत्योदय कार्ड
अंत्योदय वाले राशनकार्ड की जो सूची केंद्र सरकार को भेजी गई है उसके आधार पर अपने हिस्से का अतिरिक्त चावल आवंटन के रूप में दे रही है। लेकिन इस योजना में भेजी गई सूची से ज्यादा राशनकार्ड की संख्या है। इस बढ़े हुए राशनकार्ड की सब्सिडी प्रदेश सरकार देती है। इसलिए जो छूट गए हैं उन्हें चावल महावितरण योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा है। 1 लाख 43 हजार 907 बीपीएल राशनकार्डधारियों को ही अतिरिक्त चावल बांटे जा रहे हैं। अतिरिक्त चावल सरकार ने अप्रैल, मई और जून महीने की देने की घोषणा की है।
वितरण में गड़बड़ी होने पर होगी कठोर कार्रवाई...
"राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा योजना के हितग्राहियों को अतिरिक्त राशन समान रूप से वितरण करने के निर्देश दिए हैं। उसमें कोई गड़बड़ी होने पर कार्रवाई की जाएगी। सभी राशनकार्ड धारियों के लिए खाद्यान्न की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।"
- अमरजीत सिंह भगत, खाद्य मंत्री छत्तीसगढ़
चार से ज्यादा सदस्यों के कार्डधारियों को दुकान से बांटा जा रहा है चावल
राशन महावितरण योजना में केवल चार या उससे ज्यादा सदस्य वाले राशनकार्डधािरयों को ही तीन महीने के अतिरिक्त चावल बांटे जा रहे हैं। चार सदस्य को प्रति सदस्य पांच किलो के हिसाब से 60 किलो और पांच सदस्य वाले राशनकार्डधािरयाें को प्रति सदस्य पांच किलो के हिसाब से 75 किलो चावल वितरण किए जा रहे हैं।



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Distribution of 5 kg extra rice in a family of not less than 4 members

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