भैरोगंज रेलवे स्टेशन से ट्रेन खुलते ही कई प्रवासी मजदूर ट्रेन से कुदकर घर फरार हो गए है। जिसकी सूचना के बाद भैरोगंज पुलिस अब उन फरारी मजदूरों की तलाश में जुटी हुई है। स्टेशन अधीक्षक यदूलाल महतो की माने तो स्पेशल श्रमिक ट्रेन शुक्रवार को करीब 42 मिनट भैरोगंज स्टेशन पर खड़ी रही। आगे लाइन खाली नहीं होने के कारण उसे यहां कंट्रोल के आदेश पर रोका गया था। ट्रेन स्टेशन पर 8.53 मिनट सुबह में पहुंची थी और 9.35 में खुल गई। इस बीच स्टेशन पर पुलिस की मुस्तैदी की वजह से कोई भी प्रवासी मजदूर उतर नहीं पाया। बताया जाता है कि जैसे ही ट्रेन भैरोगंज स्टेशन से खुली और गति पकड़ने लगी, कई मजदूर ट्रेन से कुद कुद कर अपने घर फरार हो गए। जिसकी सूचना के बाद पुलिस उन्हें तलाशने में जुट गई है।
कपरधिका व नड्डा के थे भागने वाले मजदूर
ट्रेन से कुद कर घर जाने वाले मजदूरों में कपरधिका व नड्डा के मजदूर शामिल थे। जिनमें कुछ को पुलिस ने ढुंढ कर पकड़ लिया है। अन्य मजदूरों की तलाश जारी है। थानाध्यक्ष जयनारायण राम ने बताया कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार कपरधिका गांव के जुमराती मियां पिता स्वर्गीय हनीफ मियां, हबीब खां पिता स्वर्गीय सलामत खां, कमरुद्दीन मियां पिता बट्टू मियां सहित कई लोग ट्रेन से उतर कर घर चले गए। उन्हें पकड़कर बगहा क्वारेंटाइन सेंटर भेजा गया है। इसके अलावा कुछ नड्डा गांव के प्रवासी भी उस ट्रेन से उतरे हुए थे। उनकी तलाश जारी है।
ग्रामीणों ने जताई चिंता
ग्रामीण चंद्रभूषण तिवारी, नागेंद्र यादव, लक्ष्मण मुखिया, राजूराम का कहना है कि लचर व्यवस्था होने के चलते ऐसी घटनाएं हो रही हैं। जो परिवार, समाज और गांव के लिए बहुत ही चिंताजनक बात है। गांव में जब प्रवासी मजदूर प्रवेश करते हैं तो ग्रामीणों की ओर से रोक लगाई जाती है। जिसके बाद मजदूर झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। जो चिंता का विषय बना हुआ है। उधर, भैरोगंज स्टेशन अधीक्षक यदुलाल महतो से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि रनिंग थ्रू के बावजूद जब एक नम्बर लाइन से गाड़ी पास कराई जाती है तो उस परिस्थिति में गति कम होना ही है। इसकी वजह से भी मजदूर उतर जा रहे है।
नौरंगिया दरदरी पंचायत के बेरई स्थित मध्य विद्यालय को बनाया क्वारेंटाइन सेंटरहरनाटांड़
बगहा-2 प्रखंड की नौरंगिया दरदरी पंचायत के बेरई स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 30 प्रवासी मजदूरों का पहला जत्था क्वारेंटाइन पीरियड गुजारने के लिए प्रशासन के अधिकारियों की देखरेख में पहुंचाया गया। इससे पहले इस विद्यालय की साफ-सफाई कराई गई तथा सेनेटराइज भी कराया गया। स्थानीय मुखिया बिहारी महतो ने बताया कि इस प्रखंड में बाहर से लौट रहे प्रवासी मजदूरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेरई गांव के इस स्कूल का चयन क्वारेंटाइन सेंटर के रूप में किया गया है। स्कूल की साफ सफाई के बाद यहां के सभी कमरे सेनेटराइज कर दिए गए हैं। यहां पहुंचे प्रवासी मजदूरों का हाथ साबुन से धुलवाया गया तथा सोशल डिस्टेंसिंग रखने के लिए उन्हें प्रेरित किया गया। यहां कार्यरत रसोइया को भी मास्क व ग्लव्स दिए गए हैं, ताकि खाना बनाते समय वे पर्याय सावधानी व स्वच्छता का पालन कर सकें। इस क्वारेंटाइन सेंटर के प्रभारी राजकुमार शार्मा व सहायक विजय कुमार, नोडल प्रभारी सगीर अहमद आदि ने बताया कि प्रवासियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
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