राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण की जांच बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रैंडम चेकिंग की भी शुरुआत होगी। जांच रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने टीबी की जांच मशीन सीबी नेट से भी कोरोना जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। आईसीएमआर ने भी इससे हरी झंडी देने के साथ दिशानिर्देश भी जारी किया है। राज्य में इसकी शुरुआत पटना और दरभंगा से होगी। जल्द ही सभी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में भी सीबी नेट से कोरोना की जांच शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने कार्टिलेज खरीद के लिए आर्डर भी दिया है। इससे कम समय और अधिक संख्या में कोरोना संक्रमण की जांच हो सकेगी।
एक से दो घंटे में ही आ सकती है जांच रिपोर्ट
दरअसल, अभी कोरोना जांच में न्यूक्लिक एसिड (आरएनए) मरीज के स्वैब को लैब में निकाला जाता है। यह काम रियल टाइम मैथेड से मैनुअल किया जाता है। न्यूक्लिक एसिड निकालकर उसे पीसीआर मशीन में रन करना होता है। पूरी प्रक्रिया चार से पांच घंटे लग जाते हैं जबकि सीबी नेट कार्टेज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड टेस्ट मशीन है। सीबी नेट में मैनुअल काम का झंझट नहीं है। एक बार सैंपल लगाकर मशीन चला दें, एक-दो घंटे में जांच पूरी हो जाती है।
कार्टिलेज व कैसेट बदलने की जरूरत
राज्य में कोरोना जांच के नोडल संस्थान आरएमआरआई के निदेशक डॉ. प्रदीप दास बताते हैं कि सीबी नेट मशीन से भी कोरोना जांच की जाती है। टीबी जांच मशीन में कोरोना जांच के लिए केवल कार्टिलेज व कैसेट बदलने की जरूरत पड़ती है। यह सुविधा सभी जिला अस्पतालों व मेडिकल कॉलेज में है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Post a Comment