बहेड़ी प्रखंड के जोरजा गांव के अवनीश सिंह की पत्नी राखी सिंह की गुरुवार की अहले सुबह घर में घुस कर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में बेनीपुर डीएसपी उमेश्वर चौधरी एवं थानाध्यक्ष राजन कुमार स्पष्ट रूप से कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं। उनका कहना है कि मृतका के पति अवनीश सिंह ने पुलिस को बयान दिया है कि उनकी पत्नी को जदयू के नेता मिथिलेश सिंह, उनके बेटे व पैक्स अध्यक्ष मन्नू सिंह उर्फ राहुल आनंद, अशोक सिंह, भोला सिंह आदि ने घर में घुस कर गोली मारकर हत्या कर दी। उसी आधार पर मिथिलेश सिंह को हिरासत में लिया गया है। आरोपी जदयू नेता मिथिलेश सिंह का कहना है कि राखी सिंह की हत्या उनके परिजनों ने ही की है। इस बात की सूचना मैंने एसएसपी को दे दी थी। हमलोगों को जानबूझ कर फंसाया गया है।
मामले में एसएसपी बाबूराम ने कहा कि एक महिला की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आरोप गांव के ही कुछ लोगों पर है। जांच की जा रही है। मृतका के पति अवनीश सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि है उनकी पत्नी अपने घर में सोई हुई थी। इसी दौरान सुबह करीब साढ़े पांच बजे मिथिलेश सिंह, अशोक सिंह, मन्नू सिंह उर्फ राहुल आनंद व भोला सिंह कुछ अन्य लोगों के साथ मेरे घर में घुस गए। ये लोग पूछने लगे कि मेरे बड़े भाई मनीष सिंह कहां हैं। इसका विरोध घर के लोगों ने की तो उनलोगों ने मेरी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस बल ने आरोपियों के घर की घेराबंदी की
स्थानीय थानाध्यक्ष राजन कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। जिसके बाद पुलिस मिथिलेश सिंह के घर पहुंची तो उन्होंने पुलिस पदाधिकारी को भी भीतर से ही गाली-गलौज की। जिसके बाद पुलिस ने उनके आवास को चारों तरफ से घेर लिया। फिर जानकारी आला अधिकारियों को दी। इसके बाद घटनास्थल पर बेनीपुर एसडीपीओ उमेश्वर चौधरी, सर्किल निरीक्षक मदन प्रसाद, हायाघाट थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार अमर सहित कई थानों की पुलिस पहुंचकर घटनास्थल पर कैम्प कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। पुलिस ने मिथिलेश सिंह को गेट खोलने को कहा जिसके बाद उन्होंने घर का दरवाजा खोला। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
शौच के लिए गए थे मनीष सिंह
बताया जाता है कि अवनीश सिंह तीन भाई हैं। उनके बड़े भाई मनीष सिंह की खोजबीन करते हुए ये लोग घर में घुसे थे। लेकिन मनीष सुबह के समय घर से बाहर शौच को निकले थे। इधर, मृतका के छोटे-छोटे बच्चे आरूही 5 वर्ष व मानसी 2 वर्ष का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, मिथिलेश सिंह के अलावा अन्य आरोपियों को तत्काल हिरासत में नहीं लेने को लेकर लोगों ने आक्रोश जताया।
15 अगस्त 2016 को भी चली थी गोली
लोगों ने बताया कि इससे पूर्व भी 15 अगस्त 2016 को पंचायत भवन पर आमसभा के दौरान गोली चली थी। जिसमें सरोज सिंह के पैर में गोली लगी थी। बेनीपुर एसडीपीओ उमेश्वर चौधरी ने बताया कि पूर्व से दोनों के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। जिसमें दोनों पक्षों के लोगों के विरुद्ध कई मामले थाने में पूर्व से अंकित हैं।
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