अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में गुरुवार को जहानाबाद जिले से तीन पॉजिटिव मरीज भेजे गए। इनमें से एक 24 साल की महिला, एक 2 साल का बच्चा और एक चार साल का बच्चा शामिल है। जो महिला पॉजिटिव आई है उसका एक साल का बच्चा भी है जो नेगेटिव है। साथ ही यह महिला 6 माह की गर्भवती भी है। इस महिला का पति और उसकी सास के साथ अन्य दो बच्चों की मां भी अस्पताल पहुंची है। ये सभी पॉजिटिव एक ही परिवार से हैं।
इन सभी पॉजिटिव मरीजों के साथ उसके नेगेटिव परिजन के आने से अस्पताल प्रशासन के सामने यह समस्या आ गई कि आखिर सबको कैसे रहने की व्यवस्था की जाए। आखिरकार नोडल पदाधिकारी डॉ. एन के पासवान ने उच्चाधिकारियों से बात कर समस्या का निराकरण किया। नोडल पदाधिकारी डॉ. एन के पासवान ने बताया कि पॉजिटिव मरीज के साथ ही उसका एक साल का बच्चा को भी लेवल टू आईसाेलेशन वार्ड में रखा गया क्योंकि एक साल का बच्चा मां के वगैर नहीं रह सकता।
वहीं दूसरी तरफ अन्य दो पॉजिटिव बच्चों के साथ उसकी नेगेटिव मां को भी आईसोलेशन लेवल टू में ही रखा गया है। डॉ. पासवान ने बताया कि सभी पॉजिटिव मरीज एक ही परिवार के हैं। दो पॉजिटिव बच्चे, पॉजिटिव महिला के गोतनी के बेटे हैं। ये सभी पॉजिटिव मरीज एसिम्टोमिक हैं अर्थात इनमें कोरोना का प्रत्यक्ष लक्षण नहीं है। परिवार के अन्य सदस्यों को लेवल वन में अन्य मरीजों से अलग रहने की व्यवस्था की गई है।
- एक अन्य मामले में दो और चार साल का पॉजिटिव बच्चा के साथ रखी गई उसकी नेगेटिव मां
- पॉजिटिव मरीजों के साथ ही रखे गए निगेटिव परिजन क्योंकि समस्या का अन्य कोई नहीं था समाधान
- जहानाबाद से गया एएनएमएमसीएच रेफर किए गए तीन मरीज, इनमें दो और चार साल का बच्चा भी शामिल
गायनी व पेडिएट्रिक के डॉक्टर करेंगे सभी का निरीक्षण:नोडल पदाधिकारी ने बताया कि पॉजिटिव महिला गर्भवती है और अन्य पॉजिटिव बच्चे हैं इसलिए शुक्रवार को गायनी व शिशु रोग विभाग के डॉक्टर इनकी जांच करेंगे। वहीं दूसरी तरफ जहानबाद सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने बताया कि एसिम्टोमिक होने के बावजूद इन्हें एएनएमएमसीएच में इसलिए रेफर किया गया कि यह सामान्य से अलग केस हैं। जहानबाद में पॉजिटिव बच्चे को रखना खतरनाक हो सकता है। साथ ही पॉजिटिव महिला गर्भवती है इसलिए उच्चाधिकारियों से बात करने के बाद रेफर किया गया।
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