कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए सरकार सोशल डिस्टेंसिंग के पालन करने की लगातार हिदायत दे रही है। जबकि दूसरे प्रदेशों से आए प्रवासी मजदूर अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के तहत मानक दूरी बनाये रखने की बात तो बहुत दूर है, लाइन में खड़े होकर क्रमानुसार अपनी जांच भी ये नहीं करवाना चाहते। सबको बस एक ही बात की जल्दी लगी रहती है कि कब उनकी जांच हो जाए और वे जल्दी अपने घर पहुंच जाएं। इस जल्दबाजी की होड़ उनके साथ दूसरों को भी कितनी भारी पड़ेगी, इसकी कोई चिंता इन्हें नजर नहीं आती। जांच के लिए ये एक दूसरे से बिल्कुल सटे रहते हैं। चिकित्सक की हिदायतों की बेपरवाही भी साफ नजर आती है। जांच के लिए क्वारेंटाइन सेंटर से अस्पताल लाते समय भी बस में चढ़ते-उतरते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ये नहीं करते। ताज्जुब यह कि इनपर नियंत्रण के लिए अस्पताल में पुलिस बल तैनात है। लेकिन प्रवासियों की इस बेपरवाही पर प्रतिनियुक्त पुलिस के जवान भी चुप्पी साधे रहते हैं।
काफी खतरनाक है यह हरकत
बगहा - 1 पीएचसी प्रभारी डा. एसएन महतो कहते हैं कि प्रवासियों का यह रवैया दुखी करने वाला है। जांच के दौरान प्रवासी मजदूरों द्वारा जिस तरह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, वह कोरोना को फैलने में और मददगार साबित हो सकती है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे अनिवार्य है।
स्वास्थ्य कर्मी व पुलिस के जवान में हो चुकी है पहले भी बकझक
अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ.एसपी अग्रवाल का कहना है कि अस्पताल के तरफ से सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन मजदूर हिदायतों की परवाह नहीं करते। अस्पताल में तैनात पुलिस के जवान भी कोई सहयोग नहीं दे रहे हैं। बताते चलें कि इसी सोशल डिस्टेंसिंग के पालन को लेकर पिछले दिन अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी व तैनात पुलिस बल के जवान में बकझक भी हुई थी। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना था कि पुलिस बल सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने में उनका सहयोग करे, लेकिन जवान भीड़ में जाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने को नहीं तैयार थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Post a Comment