लगातार चौथे दिन गुरुवार को जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए। गुरुवार की शाम तीन अन्य युवकों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इनमें से दो युवक हरियाणा से, जबकि एक मुंबई से बस से 12 मई को बांका आया था। इन तीनों की थर्मल स्क्रीनिंग पीबीएस कॉलेज के वाहन कोषांग में करने के बाद सदर अस्पताल के जीएनएम नर्सिंग स्कूल में क्वारेंटाइन किया गया था। 12 मई को ही इन लोगों का सेंपल जांच के लिए भेजा गया था।
डीएम सुहर्ष भगत ने बताया कि 14 मई की शाम तीनों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। हालांकि यह सुखद बात यह है कि तीनाें मरीज अपने घर नहीं गए थे। डीएम ने बताया कि इनलाेगाें की ट्रैवल हिस्ट्री का पता लगाया जा रहा है। इनके साथ बस में आए लोगों को भी ट्रेस किया जा रहा है।
जानकारी अनुसार हरियाणा के गुरुग्राम से झारखंड के गोड्डा जिला के पथरगामा निवासी 26 वर्षीय युवक के साथ बांका नगर परिषद के 28 वर्षीय युवक 12 मई को बस से गोपालगंज आए। वहां से बस से पीबीएस कॉलेज के वाहन कोषांग में इन लोगों को लाया गया और थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद इन दोनों को बांका सदर अस्पताल के जीएनएम नर्सिंग स्कूल में क्वारेंटाइन कर दिया गया।वहीं मुंबई से बेलहर के 27 वर्षीय युवक बस से बांका आए। जिसे पीबीएस के वाहन कोषांग में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद जीएनएम नर्सिंग स्कूल में क्वारेंटाइन किया गया। तीनों का सैंपल 12 मई को ही जांच के लिए भेजा गया था। जहां 14 मई को तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तीनों को देर शाम बांका के मधुवन बिहार में शिफ्ट कर दिया गया। जिले से अब तक 590 लोगों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। जिसमें 575 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव, जबकि कुल 15 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
अब तक जो मरीज मिले, सभी बाहर से लौटे
जिले में लगातार दूसरे राज्यों से कामगार व अन्य लोगों का आना जारी है। इसी क्रम में गुरुवार देर रात अहमदाबाद से एक विशेष श्रमिक स्पेशल ट्रेन बांका जंक्शन पहुंची। यह श्रमिक ट्रेन अहमदाबाद से बरौनी, भागलपुर होते हुए बांका पहुंची, जहां से सभी लोगों को उनके संबंधित प्रखंड के क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया। जहां यह लोग 14 दिनों तक रहेंगे। इस दौरान किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण मिलने पर स्वाब जांच के लिए सैंपल भेजा जाएगा।
अहमदाबाद से आई इस विशेष ट्रेन से आने वाले सभी व्यक्तियों का बांका जंक्शन पर जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी में स्वास्थ्य कर्मियों ने थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रखंड में बने क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया। जिले में अब तक जितने भी कोरोना मरीज की पुष्टि हुई है, वह सभी बाहर से लौटे हैं। जिस कारण प्रशासन ऐसे लोगों पर पैनी नजर बनाए हुई है। अबतक जिले में 12 हजार से ज्यादा प्रवासी लोगों की वापसी हो चुकी है, जिन्हें प्रखंड व पंचायत एवं होम क्वारेंटाइन में रखा गया है।
अनुशासित रहने वाले प्रवासियों काे ही मिलेगा रेल भाड़ा
खंडों के क्वारेंटाइन सेंटर में राज्य व जिले के बाहर से लौटे मजदूरों की बढ़ती संख्या व उनके द्वारा लगातार घर जाने के लिए न सिर्फ दबाव बनाया जा रहा है, बल्कि अनुशासन भी भंग की जा रही है। कई जगहों पर क्वारेंटाइन सेंटर से बाहर निकल कर सड़क तक जाम कर दिया गया। इसके मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने डीएम सुहर्ष भगत को पत्र लिखा है। जिसमें कहा है कि जिला मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है तथा इसका नंबर सभी क्वारेंटाइन सेंटर में प्रदर्शित है।
शिकायतों के समाधान के लिए अनुशासन भंग करना या कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है। इसलिए अगले 24 घंटे के अंदर लाउड स्पीकर या पीए सिस्टम द्वारा सभी क्वारेंटाइन सेंटर में प्रचारित कर दिया जाए कि जो लोग 14 दिन प्रखंड के क्वारेंटाइन सेंटर में रहने के बाद अपने घर में 7 दिन तक होम क्वारेंटाइन भी अनुशासित ढंग से पूरा करेंगे, उन्हें ही रेल भाड़े की प्रतिपूर्ति व अन्य अनुमान्य राशि का भुगतान किया जाएगा।
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