पटना में पिछले 24 घंटे में हुई जून में बारिश ने पिछले 12 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पिछले 24 घंटे में पटना जिले में 83.4 एमएम बारिश हुई है। इससे पहले 15 जून 2008 को सबसे अधिक 88.2 एमएम बारिश 24 घंटे में हुई थी। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि जून में एक दिन में 2008 के बाद सबसे अधिक बारिश 19 जून को सुबह साढ़े आठ बजे तक 83.4 एमम बारिश हुई।
इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे तक 11.2 एमएम बारिश हुई। इस प्रकार शुक्रवार की शाम साढ़े पांच बजे तक पटना में कुल 94.6 एमएम बारिश हुई। अभी जून महीने में 10 दिन बाकी है। संभावना है कि 2008 का भी रिकॉर्ड टूट जाए। राज्य भर में अभी 36 घंटे तक हल्की, मध्यम और तेज बारिश होती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने लिए पटना का जायजा
‘मुझे लगता है कि इस ट्रांसफार्मर को और अधिक ऊंचाई पर लगाने की जरूरत है। इस बार जिस तरह से मौसम विभाग का अनुमान है, बारिश बहुत अच्छी होगी। कहीं ऐसा ना हो कि संप हाउस का ट्रांसफार्मर ही पानी में डूब जाए।’ योगीपुर पंपिंग प्लांट के ट्रांसफार्मर को देख मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मुख्य सचिव दीपक कुमार और नगर विकास विभाग के सचिव आनंद किशोर से बोले। मुख्यमंत्री को देख लोग आसपास की छतों से बोले- सर, बहुत पानी लग जाता है। मुख्यमंत्री बोले- हम सब कुछ देख रहे हैं। इस बार दिक्कत नहीं होने देंगे।
कई कमियां दूर करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री शुक्रवार को राजधानी को जलजमाव से मुक्त रखने की व्यवस्था का जायजा लेने 1,अणे मार्ग से सुबह 11.15 बजे निकले और फिर सवा दो घंटे तक शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमते रहे। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बनाए गए कोविड-19 केयर सेंटर को देखने के बाद मुख्यमंत्री सीधे योगीपुर ड्रेनेज पंपिंग प्लांट पर पहुंचे। पंप-ट्रांसफार्मर से लेकर पानी की निकासी तक की व्यवस्था देखने के बाद वे पैदल ही एनबीसीसी के प्लांट की ओर बढ़ चले।
वैकल्पिक फीडर की व्यवस्था का निर्देश
योगीपुर संप हाउस पर मुख्यमंत्री बोले- ट्रांसफार्मर को और ऊंचाई पर लगवाइए, ताकि जलजमाव की स्थिति में भी बिजली आपूर्ति जारी रहे। अगर ट्रांसफर में डूब गया तब मशीन बंद हो जाएगी। बातचीत करते हुए एनबीसीसी प्लांट पहुंचे। वहां मुख्यमंत्री ने नगर विकास सचिव से कहा- सभी संप हाउस तक निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए वैकल्पिक फीडर की व्यवस्था कर लीजिए।
ट्रीटमेंट के बाद पुनपुन में जाएगा बादशाही का पानी
मुख्यमंत्री ने बादशाही नाला के निरीक्षण के दौरान नगर विकास विभाग के अधिकारियों को कहा कि बादशाही नाला के पानी को ट्रीटमेंट करके ही पुनपुन में गिराया जाए। नाले का पानी अभी पुनपुन के जरिए सीधे गंगा तक पहुंच जाता है। गंगा की स्वच्छता के लिए बादशाही नाले के पानी का ट्रीटमेंट किया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन सचिव संजीव हंस से कहा कि बादशाही नाला के दोनों किनारे पर पक्की बाउंड्री बनवाइए और नाला के दोनों किनारों पर सघन वृक्षारोपण भी कराईए। ताकि भविष्य में कभी अतिक्रमण की समस्या नहीं हो।
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