पटना सहित 7 जिलों से कृषि विभाग को 2 से 2.5 लाख टिड्डियों की रिपोर्ट मिली है। फसल नुकसान की रिपोर्ट अभी नहीं है। हवा के रुख के अनुसार टिड्डियों का झुंड आता है। अब नालंदा व नवादा में टिड्डियों के बढ़ने का खतरा है। विभाग ने सभी खतरे वाले जिलों में अधिकारियों को संसाधन के साथ तैनात रखा है। ट्रैक्टर पर स्प्रेयर मशीन से रात में ठहरे टिड्डियों पर कीटनाशक का छिड़काव करना है। अग्रिशमन टीम को भी स्टैंड बाई में रखा गया है।

कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि भोजपुर, रोहतास, कैमूर, पश्चिम चंपारण, गोपलगंज, जहानाबाद व पटना में टिड्डे देखे गए हैं। भारत सरकार की मार्गदर्शिका के अनुसार बिहार के 18 जिलों में टिड्डियों से खतरा नहीं है।

खतरे व सतत निगरानी वाले जिलों में भोजपुर, रोहतास, कैमूर, पश्चिम चंपारण, जहानाबाद, पटना, अरवल, औरंगाबाद, सारण व पूर्वी चंपारण शामिल हैं। कृषि विभाग ने पटना शहर के लोगों को टिड्डियों से बचने के लिए ढोल, नगाड़ा, टीन, थाली व घंटी बजाने की सलाह दी है। छतों व रेलिंग पर नीम या मेंथा तेल छिड़काव करने के लिए कहा है।



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रविवार को मोतिहारी और बेतिया में टिड्डियों के दल ने उत्पात मचाया था।

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